नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में देश का दूसरा और बिहार का पहला एडवेंचर ग्लास ब्रिज बन कर तैयार हो चुका हैं.
बिहार में नालंदा को पर्यटकों का बड़ा पर्यटन स्थल माना जाता है. यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं. नये साल पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार का नालंदा को विशेष तोहफा है. नीतीश कुमार ने खुद भी पिछले दिनों ग्लॉस ब्रिज का दौरा किया है।
राजगीर के नेचर सफारी में निर्माणाधीन ग्लास फ्लोर ब्रिज एवं जू सफारी का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। https://t.co/8tma99H2kr pic.twitter.com/Nd3B3hmrQF
— Nitish Kumar (@NitishKumar) December 20, 2020
इस नये साल के मौके पर 2021 में इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा. ग्लास ब्रिज के साथ-साथ जू सफारी पार्क के साथ नेचर सफारी पार्क का भी निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह भारत का सबसे अत्याधुनिक जू सफारी पार्क होगा जहां पर तरह-तरह के पेड़ पौधे एवं वन्य जीव जंतु भी होंगे.
इसका मकसद पहले से और ज्यादा देशी-विदेशी पर्यटकों को बढ़ावा देना है. इसके अलावा वेणुबन को भी अत्याधुनिक तरीके से सजा कर तैयार किया जा रहा है, ताकि पर्यटक यहां आकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर सके और इसका लुफ्त उठा सकें. इसके चलते बिहार में पर्यटन और टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा.
क्या है इस ग्लास ब्रिज की खासियत:
यह ब्रिज 200 फीट ऊंचा है और इसकी लंबाई 85 फीट तथा चौड़ाई 6 फीट है इस ग्लास ब्रिज पर एक बार में 40 पर्यटक जा सकते हैं. इसकी तुलना चीन के हांगझोऊ प्रोविंस की तर्ज पर बने ब्रिज से की जा रही है यह देश का दूसरा और पूर्वोतर भारत का पहला ग्लास ब्रिज है.
राजगीर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थली है. ग्लास ब्रिज के साथ-साथ आप नेचर सफारी, रोप-वे साइकलिंग भी कर सकते हैं. बिहार सरकार द्वारा पर्यटन और टूरिज्म के क्षेत्र में यह एक अनोखा कदम है जिससे राज्य में पर्यटन स्थल और अन्य प्राचीन जगहों को भी इससे जोड़ा जा सकता हैं.
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
