पटना: नीतीश कुमार वाली बिहार सरकार ने फैसला लिया है कि मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियों के लिए 33% सीट आरक्षित होगी।
बुधवार को हुई बैठक में सीएम ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में सरकार द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं। कई मेडिकल कॉलेज खोले भी गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए बिहार के बच्चे एवं बच्चियों को बाहर नहीं जाना पड़े।
सीएम ने बैठक में की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में नामांकन में न्यूनतम ( एक तिहाई ) 33% सीट छात्राओं के लिए आरक्षित की जाए। इससे छात्राओं की संख्या बढ़ेगी और यह एक यूनिक चीज होगी जिससे छात्रायें उच्च और तकनीकी शिक्षा की ओर और ज्यादा प्रेरित होंगी।
राज्य के मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में लड़कियों के लिए 33% सीट आरक्षित की जाएगी।
— Vijay Kumar Choudhary (@VijayKChy) June 2, 2021
मुख्यमंत्री जी ने प्रस्तावित विधयेक पर बैठक कर यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है! इससे छात्राएं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की तरफ अधिक प्रेरित होकर #बिहार के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगी। pic.twitter.com/dBih5OCtBu
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के संबंध में प्रस्तावित बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश में 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज हैं जिसमें कुल 9275 सीटें हैं। वहीं 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 1125 सीटें हैं।
राज्य में अभियंत्रण विश्वविद्यालय तथा चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु प्रस्तावित विधेयक के संबंध में बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। https://t.co/RaQpdhKAfK pic.twitter.com/wbb31zNYAr
— Nitish Kumar (@NitishKumar) June 2, 2021
आगे उन्होंने कहा कि अभियंत्रण विश्वविद्यालय एवं चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित होने विधेयक से इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं मेडिकल कॉलेजों का बेहतर ढंग से प्रबंधन हो सकेगा। साथ ही कॉलेजों में अध्यापन कार्य बेहतर ढंग से नियंत्रित किए जा सकेंगे और सरकार के इस बड़े फैसले से ज्यादा से ज्यादा लड़कियों के डाॅक्टर-इंजीनियर बनने का सपना साकार होगा।
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
