राम मंदिर के लिए दान देना थी अंतिम इच्छा, मृत्यु होने पर परिजनों ने मृत शरीर से दिलाया दान

भरूच: अयोध्या में भगवान श्री राम के भक्त मंदिर निर्माण के लिए देशभर में मकर संक्रांति के पावन पर्व से श्री राम मंदिर निधि समर्पण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विश्व हिंदू परिषद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं भाजपा के कार्यकर्ता देश भर में हर घर से मंदिर के लिए निधि एकत्रित कर रहे हैं।

 इसी अभियान के तहत देश भर से कुछ रोचक तस्वीरें भी सामने आ रही हैं। ऐसा ही गुजरात के भरूच में मामला सामने आया जहां दिवंगत आत्मा की अंतिम इच्छा पूर्ति के लिए उनके परिजनों ने श्री राम मंदिर के लिए दान किया गया।
दरअसल भरुच में भारती पटेल ने 29 जनवरी को रात्रि में अपने स्वर्गवासी पति निलेष पटेल की अंतिम इच्छा की पूर्ति हेतु भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर हेतु मृत शरीर के हाथों राम मंदिर निधि समर्पण किया।

Bharuch (PC: VHP)

किन्नरों ने राम मंदिर के लिए किया भावुक समर्पण:

इसी कड़ी में राजस्थान के 20 किन्नरों ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए लाखों रुपये दान में दिए हैं। इसे अपने जीवन का एक भावनात्मक क्षण कहा है क्योंकि उन्होंने सदियों पहले बनाए रखा था कि भगवान राम ने आशीर्वाद दिया था कि उनके लिए कलयुग अच्छा होगा।

मिट्टी के बर्तन बेंचकर दान किए:

ऐसी ही एक तस्वीर महाराष्ट्र के बसई में देखने मिली जहां मिट्टी के बर्तन बेचकर गरीब परिवार ने राम मंदिर के लिए निधि समर्पित कर दी। दरअसल बसई के नालासोपारा शहर के लशावीर बस्ती में मिट्टी के बने मटके बेंच कर गरीब परिवार अपना जीवन यापन करता था जब उनसे धन संग्रह टोली ने अपनी स्वेच्छा से श्री रामलला के मंदिर निर्माण हेतु राशि समर्पण करने हेतु निवेदन किया जिस पर उन्होंने तत्काल 5, 10 रुपए के सिक्के से ₹100 का समर्पण कर दिया।

बताया गया कि 100 रुपए जो दान में दिया गया उतना ही परिवार के पूरे दिन की आय थी। लेकिन परिवार ने श्री रामलला के मंदिर के लिए रसीदे कटवाई तो संग्रहकर्ताओं ने उस राम भक्त गरीब परिवार को दिल से प्रणाम किया।

दान देने के 2 घन्टे बाद वृद्धा ने त्याग दिए प्राण:

वहीं मध्य प्रदेश के विदिशा से इसी अभियान के दौरान अद्भुत संयोग वाला मामला सामने आया है। दरअसल विदिशा जिले के मंडीबामोरा क्षेत्र के अंतर्गत दतेरा गांव निवासी राकेश आचार्य की माता शांति देवी आचार्य दान देने के कुछ घण्टों बाद ही स्वर्गवासी हो गईं।

85 वर्षीय शांति देवी ने मंदिर के लिए अपनी वृद्धावस्था पेंशन में से 2100 रुपए दान करने के कुछ ही घंटे बाद प्राण त्याग दिए। सिहोरा में निर्माण निधि समर्पण अभियान के प्रमुख मृगेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 9:00 बजे राकेश शर्मा ने राकेश सूर्यवंशी जी से कहा कि माताजी को मंदिर के लिए दान देना है तो राकेश सूर्यवंशी ने कहा कि अभियान टोली आपके घर आएगी। 

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