एससी एसटी एक्ट का दुरूपयोग उच्च जाति के लोग करते है – उदित राज

उत्तर प्रदेश(कानपूर) : देश में हो हल्ले कि स्थिति पैदा करने वाले एससी एसटी एक्ट को लेकर भाजपा दलित नेता डॉ उदित राज जी का बड़ा बयान सामने आ रहा है। उत्तर पश्चिमी दिल्ली से सांसद उदित राज ने एससी एसटी एक्ट पर फालतू का भय पालने से बचने कि नसीहत दी है।

उन्होंने कानपूर में हुए एससी एसटी, बैकवर्ड और मिनोरिटीज कॉन्फ़ेडरेशन में कहा कि “लोगो को इस एक्ट पर भय नहीं पालना चाहिए, क्यों लोगो को यही एक्ट दिखता है उन्हें दहेज़ प्रथा कानून और रेप कानून का दुरूपयोग होता हुआ क्यों नहीं दिखाई पड़ता है”।
अब वक़्त आ गया है कि लोगो को इस पर अपने पहले से निर्धारित भय को उठा बाहर फेंक देना चाहिए।
आगे उन्होंने कहा कि “यह एक दुर्भाग्य ही है कि सभी पार्टियाँ दहेज़ प्रथा कानून और रेप जैसे कानूनों के दुरूपयोग पर चुप्पी साधे हुए है”।


आगे सम्मलेन में दलितों कि बात प्रमुखता से रखते हुए भाजपा दलित चिंतक ने कहा कि सबसे ज्यादा एससी एसटी एक्ट का दुरूपयोग उच्च जाति के लोग ही करते है, उन्होंने उदहारण देते हुए कहा कि जैसे एक उच्च वर्ग के व्यक्ति कि दूसरे ही उच्च वर्ग के व्यक्ति से किसी विषय पर मनमुटाव हो जाता है तो वह एक पिछड़े वर्ग से आने वाले व्यक्ति को इस्तेमाल करते हुए दूसरे व्यक्ति के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करवा देता है।

साथ ही उन्होंने दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में होने वाली 3 दिसंबर कि रैली को प्रमुखता से उठाते हुए प्राइवेट सेक्टर में अनुसूचितजाति व जनजाति से आने वाले लोगो के आरक्षण कि बात को उठाया।


उन्होंने आरक्षण बचाओ का नारा देते हुए कहा कि हमें प्रमोशन और न्यायलय में भी आरक्षण चाहिए इसके लिए परिसंघ महा रैली का आयोजन किया जा रहा है जिसमे लाखो लोगो के जुटने कि उम्मीद जताई जा रही है।

प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण को लेकर सांसद साहब पहले भी कई बार अपनी मांग उठा चुके है जिसमे उनका समर्थन कई पार्टिया कर चुकी है परन्तु भाजपा को दर यह सताए जा रहा है कि अगर प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण का मुद्दा उठाया तो उनके वोट कि खदान कहे जाने वाले उच्च जाति के लोग उनसे मुँह ना मोड़ बैठे जो बीजेपी किसी भी सूरत में नहीं झेल सकती है। आंकड़ों कि कुंजी टटोले तो आप पाएंगे कि 2014 लोकसभा चुनावो में 54 प्रतिशत वोट कि चादर अकेले सवर्णो ने भाजपा को उढ़ा डाली थी जिससे आप बुझा ही लिए होंगे कि क्यों बीजेपी सवर्णो के मोह भंग को अभी सहने कि स्थिति में नहीं है।

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