9 अगस्त को जतिगत आरक्षण विरोधी सपाक्स के नेतृत्व में बंद का आव्हान किया गया था जिसका असर MP के कुछ शहरों में देखने को भी मिला।
फलाना दिखाना की टीम को सपाक्स पदाधिकारियों नें इस बंद के बारे में बातचीत करके बताया।
सपाक्स जिला पदाधिकारी नें आरक्षण को लेकर कहा कि “देश में आरक्षण सिर्फ़ 10 सालों के लिए था लेकिन वोटबैंक की राजनीति के लिए इसे आजतक जिंदा रखा गया है।”

भिंड जिले में शुक्रवार को लगभग सभी दुकानों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में शाम तक ताले लटके हुए मिले।
वहीं जिला पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अलवारेश नें पूरे शहर का मुआयना किया और मुस्तैदी बरतने को कहा।
इसमें युवाओं की छोटी छोटी टोलियों नें सुबह से ही भीड़ जुटानी शुरू कर दी थी।
इसके अलावा जिले के दुकानदारों नें भी इस बंद में सहयोग दिखाते हुए अपनी स्वेच्छा से दिनभर दुकानों को बंद रखा हालांकि मेडिकल सुविधाओं के लिए दुकान खुली थीं।
