जैसे ही मामला बसपा अध्यक्ष मायावती की जानकारी में आया, मायावती ने ब्राह्मण बिरादरी की नाराजगी से बचने के लिए तुरंत संजय भारती के निष्कासन का फरमान सुना दिया। हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में लगभग 10% वोटर ब्राह्मण हैं।
ऐसे में जब सभी राजनीतिक पार्टियां दलितों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही हैं, वहीँ मायावती ने सवर्णों को साधने की कोशिश तेज कर दी है।

दूसरी तरफ पार्टी से निकाले गए संजय भारती का कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ब्राह्मणों या अन्य किसी जाति के खिलाफ कोई भी पोस्ट नहीं की है। संजय भारती ने कहा कि किसी ने मेरा फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया होगा और उसने ऐसे कमैंट्स पोस्ट किये होंगे। संजय ने दावा किया है कि कुछ बसपा नेता उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब से पार्टी बनी है मैं पार्टी के साथ हूँ और उसको उठाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संजय भारती ने कहा है कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट के हैक होने की शिकायत पुलिस में की है।