अलीगढ़: उत्तर प्रदेश की पुलिस चौकी में एक व्यक्ति द्वारा आत्मदाह की कोशिश करने की घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। इस मामले में पुलिस पर उत्पीड़न और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। झुलसे व्यक्ति की पहचान मनोज वर्मा के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि 20 साल पुराने एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में जारी वारंट के नाम पर उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। घटना के बाद पुलिस प्रशासन में भी हलचल मच गई और अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए।
पुलिस पर उत्पीड़न और मारपीट के आरोप
परिजनों के अनुसार मनोज वर्मा पेशे से ड्राइवर था। उसकी शादी करीब 28 साल पहले खुर्जा में हुई थी, लेकिन पारिवारिक विवाद के कारण उसकी पत्नी लंबे समय से उसके साथ नहीं रह रही थी। परिवार का कहना है कि वह नशे का आदी था। भाई ने बताया कि वर्ष 2006 में उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एक मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में दिसंबर महीने में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। आरोप है कि इन्हीं वारंटों के आधार पर कस्बा चौकी के दरोगा और पुलिसकर्मी उसे बार-बार परेशान कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले भी उसके साथ मारपीट की गई थी। रविवार सुबह भी पुलिस द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि मनोज ने उसी दिन किसी पुलिस अधिकारी को फोन कर अपनी शिकायत भी दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का कहना है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर उसने यह कदम उठा लिया। मनोज छह भाइयों में सबसे छोटा था। उसके दो बड़े भाइयों की मौत हो चुकी है। एक भाई दिल्ली में रहकर व्यवसाय करता है, जबकि बाकी तीन भाई खैर में ही रहते हैं। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
सीसीटीवी में दो युवकों से मुलाकात के बाद की घटना
आत्मदाह की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई गई। पुलिस के अनुसार घटना से कुछ समय पहले दो युवक बाइक पर सवार होकर मनोज से मिले थे। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि मनोज नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए चौकी के सामने से बाजार की ओर गया और एक दुकान के पास खड़ा हुआ। वहीं दो युवक बाइक से आए और उसे कुछ देकर चले गए। इसके बाद वह वापस लौटा और पुरानी तहसील की सीढ़ियों पर चढ़कर अपने ऊपर बोतल से पेट्रोल डाल लिया। देखते ही देखते उसने आग लगा ली। आग की लपटों में घिरा वह चीखता हुआ चौकी परिसर में आया और सामने बने चबूतरे पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने जब लपटें देखीं तो दौड़कर उसे बचाने की कोशिश की और एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन दो बाइक सवार युवकों की तलाश कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस चौकी परिसर में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो घटना की पूरी सच्चाई और स्पष्ट रूप से सामने आ सकती थी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस पर लगे आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
