उत्तराखंड के 3 नगर निकायों में OBC आरक्षण पर फैसला तैयार, अटके निकाय चुनाव जल्द होने की उम्मीद

देहरादून: उत्तराखंड के तीन नगर निकायों में लंबे समय से अटके निकाय चुनाव को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। वार्डों में OBC (पिछड़ा वर्ग) आरक्षण तय करने के लिए गठित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने अपनी सर्वे और जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है। आयोग ने तीनों नगर निकायों में OBC वर्ग की सामाजिक स्थिति और राजनीतिक भागीदारी का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर OBC आरक्षण तय होते ही इन निकायों में चुनाव कराने का रास्ता साफ हो जाएगा।

क्या थी वजह

ऊधम सिंह नगर जिले की नगर पंचायत गढ़ी नेगी, चंपावत जिले की नगर पंचायत पाटी और टिहरी जिले की नगर पालिका परिषद नरेंद्र नगर में अब तक निकाय चुनाव नहीं हो पाए थे। इन तीनों निकायों में चुनाव टलने की मुख्य वजह वार्डों का सीमांकन पूरा न होना, मतदाता सूची तैयार करने में देरी और अन्य जरूरी चुनावी औपचारिकताओं का लंबित रहना था। गढ़ी नेगी और नरेंद्र नगर जैसे निकायों में वार्डों की अंतिम सीमाएं तय नहीं हो सकीं, जिसके कारण इन क्षेत्रों को विधिवत अधिसूचित नहीं किया जा सका। इसी कारण, जब राज्य के अधिकांश नगर निकायों में जनवरी 2025 में चुनाव संपन्न हो गए, तब भी इन तीनों नगर निकायों में चुनाव स्थगित रखने पड़े।

समर्पित आयोग ने कैसे पूरी की OBC आरक्षण की प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने एकल सदस्यीय समर्पित आयोग बनाया था। आयोग को यह काम दिया गया कि वह तीनों नगर निकायों में ओबीसी वर्ग की राजनीतिक भागीदारी, उनकी सामाजिक स्थिति और वार्ड स्तर पर आरक्षण की जरूरत का अध्ययन करे। इसके लिए आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में सर्वे कराया और फिर जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी की। लोगों की राय और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट में यह बताया जाएगा कि तीनों नगर निकायों में वार्डवार कितना ओबीसी आरक्षण दिया जाना चाहिए।

रिपोर्ट आते ही तेज होगी चुनावी प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र से जुड़े एक अहम मामले में साफ कहा था कि नगर निकायों में ओबीसी आरक्षण तभी मान्य होगा, जब राज्य सरकार द्वारा गठित आयोग यह साबित करे कि ओबीसी वर्ग की राजनीतिक भागीदारी पर्याप्त है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि आयोग की रिपोर्ट के बिना दिया गया ओबीसी आरक्षण असंवैधानिक माना जाएगा। इसी आदेश के तहत उत्तराखंड सरकार ने समर्पित आयोग से रिपोर्ट मंगवाई थी। अब जब आयोग की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और जनसुनवाई की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है, तो रिपोर्ट मिलते ही सरकार ओबीसी आरक्षण को अंतिम रूप देगी। इसके बाद गढ़ी नेगी, पाटी और नरेंद्र नगर में लंबे समय से रुकी निकाय चुनाव प्रक्रिया के आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

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