सोनभद्र:उत्तर प्रदेश के शाहगंज थाना क्षेत्र में रामलीला मंचन के दौरान हुए एक हादसे ने अब गंभीर कानूनी रूप ले लिया है। खैरा गांव में रामलीला के मंचन के समय रावण की भूमिका निभा रहे कलाकार की आंख में श्रीराम के तीर लगने से उसकी एक आंख की रोशनी जाने का दावा किया गया है। इस मामले में पीड़ित के भाई की तहरीर पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उपशीर्षक: रामलीला मंचन के दौरान हुआ हादसा, जानबूझकर तीर मारने का आरोप; पुलिस जांच में जुटी
जानकारी के अनुसार, शाहगंज थाना क्षेत्र के कूनन गांव निवासी शिवम लाल ने पुलिस और अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है। उसका भाई सुनील कुमार खैरा गांव में आयोजित रामलीला में रावण की भूमिका निभा रहा था। रामलीला का संचालन रामसनेही सिंह की देखरेख में हो रहा था, जबकि श्रीराम की भूमिका नैतिक पांडेय निभा रहा था। आरोप है कि 13 नवंबर 2025 की रात करीब साढ़े 12 बजे मंचन के दौरान नैतिक पांडेय ने जानबूझकर सुनील कुमार की आंख में तीर मार दिया। तीर लगने से उसकी आंख में गंभीर चोट आई और इलाज के बावजूद उसकी एक आंख की रोशनी चली गई। शिवम लाल का कहना है कि यह घटना हादसा नहीं थी, बल्कि रामलीला संचालक रामसनेही सिंह की शह पर साजिश के तहत की गई। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना के अगले दिन जब उन्होंने आपत्ति जताई और इलाज की मांग की तो आरोपियों ने गाली-गलौज कर उन्हें भगा दिया। इसके बाद शाहगंज थाने में शिकायत की गई, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिषेक वर्मा ने शाहगंज पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश दिए। निर्देश के बाद बुधवार की रात पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस संबंध में शाहगंज थानाध्यक्ष राम सिंहासन शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
