बेंगलुरु: कर्नाटक में राजनीति और धर्म से जुड़ा बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। केंगिरी इलाके के मंदिर के सहायक पुजारी गुरुराज आचार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ एक ऑनलाइन इंटरव्यू में अपमानजनक टिप्पणी कर दी थी। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला और देखते ही देखते पुलिस हरकत में आ गई।
ऑनलाइन इंटरव्यू बना मुसीबत
गुरुराज आचार ने हाल ही में एक निजी यूट्यूब चैनल पर इंटरव्यू दिया था। बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य सरकार के उस फैसले को लेकर टिप्पणी की, जिसमें मैसूर दशहरा का उद्घाटन बुकर पुरस्कार विजेता बानु मुस्ताक़ से कराने की घोषणा हुई थी। इसी मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर विवादित टिप्पणी कर दी। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, शनिवार 30 अगस्त 2025 को केंगिरी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, थोड़ी ही देर बाद उन्हें थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया।
ट्रस्ट ने हाथ झाड़े, तुरंत किया निलंबित
गुरुराज आचार श्री राघवेंद्र सेवा समिति ट्रस्ट से जुड़े थे। लेकिन विवाद गहराते ही ट्रस्ट ने साफ कर दिया कि उनका संगठन ऐसी सोच का समर्थन नहीं करता। ट्रस्ट ने आचार को फौरन निलंबित कर दिया और यह भी कहा कि वे मठ के मुख्य पुजारी नहीं थे, बल्कि गणपति मंदिर में सहायक पुजारी की भूमिका निभा रहे थे। यह विवाद यहीं नहीं रुका। पता चला कि एक पंचायत विकास अधिकारी ने भी सोशल मीडिया पर सीएम सिद्धारमैया पर अनुचित टिप्पणी की थी। इस पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे भी निलंबित कर दिया।
