पटना: बिहार से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बिहार चुनाव में करारी हार के बाद RJD और लालू परिवार के भीतर का तनाव अब खुलकर फूट पड़ा है। लालू प्रसाद यादव की बेटी और उनसे किडनी दान कर रिश्तों की मिसाल देने वाली रोहिणी आचार्य ने शनिवार देर रात रोते हुए राबड़ी आवास छोड़ दिया। रविवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया पर दिल दहला देने वाला पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें गंदी गालियां दी गईं, मारने के लिए चप्पल उठाई गई और उन्हें परिवार से बाहर कर दिया गया। उनकी इस पीड़ा ने पूरे बिहार की राजनीति को हिला दिया है।
“मेरा कोई परिवार नहीं”— रोहिणी का दर्द, रोते हुए छोड़ा राबड़ी आवास
पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी की आंखों में कहीं गुस्सा था, कहीं गहरा दुख। पत्रकारों ने सवाल पूछा तो उन्होंने टूटे हुए शब्दों में कहा कि उनका अब कोई परिवार नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें ही घर से निकाल दिया गया, जबकि पार्टी की दुर्दशा पर सवाल पूछने पर आरोप उन पर ही लगा दिए गए। रविवार सुबह उन्होंने फेसबुक पर एक लंबी भावुक पोस्ट लिखी। पोस्ट में लिखा कि उनसे उनका मायका छीन लिया गया, उन्हें अनाथ बना दिया गया और उनके आत्मसम्मान को कुचल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि घर में उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ कि उन्हें मारने के लिए चप्पल उठाई गई और वे रोते हुए रात में ही आवास छोड़कर निकल गईं। पोस्ट में रोहिणी ने एक दुख भरी अपील भी की— “मैंने अपने आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया। आप सब मेरे जैसी बेटी या बहन ना अपने घर में देखें। जिस रास्ते पर मैं चली, कोई उस रास्ते पर मत चले।” उनके अनुसार, तेजस्वी यादव के करीबी दो लोग— संजय यादव और रमीज— पार्टी व परिवार के फैसलों पर इतना असर रखते हैं कि सवाल पूछना भी गुनाह माना जाता है। रोहिणी का कहना है कि उन्हीं दोनों ने उन्हें राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने के लिए दबाव बनाया।
संजय-रमीज की बढ़ती ताकत से परिवार में दरार, वहीं तेजप्रताप भी पहले हो चुके हैं बेदखल
लालू परिवार के भीतर यह विवाद अचानक नहीं उठा। पिछले कुछ महीनों से तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव की बढ़ती ताकत परिवार के कई सदस्यों को खटक रही थी। सितंबर में ही तब विवाद शुरू हुआ जब तेजस्वी की गाड़ी की फ्रंट सीट पर संजय यादव बैठे दिखे। रोहिणी ने एक पोस्ट शेयर कर नाराजगी जताई और इसके बाद उन्होंने परिवार और पार्टी के नेताओं को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया। इसके बाद से तनाव लगातार बढ़ रहा था। तेजप्रताप यादव भी कई मौकों पर संजय पर निशाना साध चुके हैं। कल चुनावी नतीजों के बाद उन्होंने लिखा— “जयचंदों ने RJD को खोखला कर दिया।” उनका इशारा भी संजय और रमीज की ओर माना गया। उधर, रमीज— जो यूपी के बलरामपुर से आते हैं और जिनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं— RJD के सोशल मीडिया और चुनावी कामकाज का जिम्मा संभालते हैं। परिवार में यह भी कहा जा रहा है कि दोनों मिलकर पार्टी के अहम फैसले लेते हैं और उसी वजह से घर में फूट बढ़ती गई। कुछ महीने पहले लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को भी परिवार और पार्टी से बाहर कर दिया था। निजी जिंदगी से जुड़े विवाद के बाद तेजप्रताप को बेदखल कर दिया गया था। बाद में तेजप्रताप ने RJD से बगावत कर चुनाव भी लड़ा, लेकिन अपनी सीट तक नहीं बचा सके।
अब रोहिणी का घर छोड़ना और परिवार से नाता तोड़ देना, लालू परिवार में एक और बड़ी दरार का संकेत है। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि चुनावी हार के बाद केवल RJD ही नहीं, लालू का परिवार भी बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा है।
