कुशीनगर: उत्तर प्रदेश में सोमवार को हुई पुलिस मुठभेड़ और उसके बाद का नज़ारा अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। 25-25 हजार के इनामी बदमाश असलम और जुल्फिकार को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया, लेकिन एसपी ऑफिस से निकलते वक्त उनका अंदाज़ देखकर लोग हैरान रह गए। व्हीलचेयर पर बैठे दोनों आरोपी हाथ जोड़कर, कान पकड़कर माफी मांगते नजर आए और यही वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल हो गया।
कैसे हुई मुठभेड़ और गिरफ्तारी?
रामकोला थाना क्षेत्र के मोरवन बड़का टोला के रहने वाले असलम और जुल्फिकार लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में थे। उन पर आरोप था कि वे स्कूल और कॉलेज के बाहर छेड़छाड़, अश्लील हरकतें और लव जिहाद जैसी गतिविधियों में शामिल रहते थे। दोनों आरोपी हाथों में कलावा बांधकर खुद को हिंदू बताते थे ताकि शक न हो। पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई थीं। सोमवार सुबह कुसुमहा पुलिया के पास पुलिस चेकिंग कर रही थी, तभी दोनों आरोपी बाइक पर पहुंचे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने मौके से दो तमंचे, पांच जिंदा कारतूस, दो खोखे, एक बिना नंबर की बाइक और 1100 रुपए बरामद किए।
माफी मांगते आरोपी और सोशल मीडिया पर बहस
इलाज के बाद दोनों को शाम को एसपी ऑफिस लाया गया। वहां प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद जैसे ही उन्हें बाहर लाया गया, दोनों ने कैमरा देखते ही रोना शुरू कर दिया। व्हीलचेयर पर बैठे असलम और जुल्फिकार हाथ जोड़कर और कान पकड़कर कहने लगे – “साहब, गलती हो गई, इस बार माफ कर दो… अब कभी ऐसा नहीं करेंगे।” गाड़ी तक जाते-जाते भी वे यही दोहराते रहे। यह दृश्य जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंचा, वहां यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया आने लगी। कुछ लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई को सराहा, लेकिन कई लोगों ने इसे ओवरएक्टिंग बताया। एक्स प्लेटफॉर्म (पहले ट्विटर) पर एक वेरिफाइड यूजर ने लिखा कि कुशीनगर पुलिस अपराधियों से एक्टिंग क्यों करवाती है। अपराधियों को सख्ती से सबक सिखाना चाहिए, लेकिन ऐसे नाटक करवा कर पुलिस खुद की फजीहत करा लेती है।
पहले भी हुआ था व्हीलचेयर शो, उठे थे सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब उत्तर प्रदेश की कुशीनगर पुलिस की कार्रवाई सवालों में घिरी हो। 23 सितंबर 2024 को पुलिस ने 5.62 लाख के जाली नोटों के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। उस वक्त भी चार आरोपियों को प्लास्टर चढ़ाकर व्हीलचेयर पर बैठाकर मीडिया के सामने लाया गया था। आरोपी हाथ जोड़कर “माफी साहब” कहते नजर आए थे। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने इसका वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया था कि जिन आरोपियों को दिन में व्हीलचेयर पर लाया गया, वही रात में अपने पैरों से चलते हुए जेल कैसे चले गए। उन्होंने सवाल किया था कि क्या यह पूरा ड्रामा था। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस नेता को नोटिस भेजा और कहा कि भ्रामक वीडियो बनाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
पुलिस की सफाई और आगे की कार्रवाई
कुशीनगर के एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपी लव जिहाद जैसी घटनाओं में शामिल थे और कॉलेज के बाहर लड़कियों को परेशान करते थे। उन्होंने कहा कि जिले में बेटियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा और आगे भी ऐसे लोगों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इस ऑपरेशन में पांच थानों की पुलिस, स्वाट और साइबर सेल की टीम शामिल थी। पुलिस ने यह भी घोषणा की कि इस कार्रवाई में शामिल पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। फिर भी, सोशल मीडिया पर लगातार उठ रहे सवालों ने एक बार फिर यूपी पुलिस की “व्हीलचेयर परेड” को विवादों में ला दिया है।
