गोरखपुर :उत्तर प्रदेश के मऊआचापी और पिपराइच इलाके में सोमवार रात 19 वर्षीय NEET की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता की हत्या कर दी गई। आरोप है कि पशु तस्करों ने दीपक को उठाकर पीटा और उसका शव घर से करीब 4 किलोमीटर दूर फेंक दिया। घटना के चार घंटे बाद ही परिवार को खून से लथपथ शव मिला। मृतक का सिर गंभीर रूप से कुचला हुआ था। इस घटना ने पूरे इलाके में अफरातफरी और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया।
घटना की पूरी कहानी
मामला सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे शुरू हुआ। 10-12 पशु तस्कर दो पिकअप गाड़ियों से पिपराइच, मऊआचापी गांव पहुंचे। गांव के एंट्री पॉइंट पर दुर्गेश गुप्ता की फर्नीचर की दुकान थी। तस्करों ने दुकान का ताला तोड़कर चोरी करने की कोशिश की। उसी समय दुकान के ऊपर बने ट्रैवल ऑफिस में सो रहे मोनू ने शटर खड़खड़ाने की आवाज सुनी और दीपक को फोन किया। दीपक तुरंत स्कूटी लेकर दुकान की तरफ भागा। उसके पीछे गांव के 10-15 लोग भी गए। तस्करों और ग्रामीणों का आमना-सामना हुआ। इस दौरान तस्करों ने फायरिंग की और दीपक को अपनी गाड़ी में खींच लिया। ग्रामीणों ने एक तस्कर को पकड़ लिया और उसकी गाड़ी जला दी। इस बीच पुलिस मौके पर पहुंची और तस्कर को छुड़ाने का प्रयास किया। पुलिस और ग्रामीणों में झड़प हुई, जिसमें एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और पिपराइच थाना प्रभारी घायल हो गए।
छात्र का शव और इलाके में हंगामा
जैसे ही खबर फैली, ग्रामीणों ने गोरखपुर-पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस समझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। गुस्साई भीड़ ने पिकअप गाड़ी में आग लगा दी। आसपास का माहौल तनावपूर्ण हो गया। डेढ़ घंटे की खोजबीन के बाद पुलिस ने दीपक का शव गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर पाया।घटना के करीब 23 घंटे बाद SSP राज करन नय्यर ने जंगल धूषण चौकी इंचार्ज ज्योति नारायण तिवारी समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। पूरे चौकी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई। रात में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश भी गोरखपुर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। तस्करों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को लगाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिए कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी तरह से की जाए।
परिवार और ग्रामीणों की मांग
परिवार ने 1 करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की है। मृतक के पिता ने कहा कि दोषियों को फांसी की सजा मिले। अंतिम संस्कार के दौरान गुस्साई महिलाओं ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। पुलिस ने सुरक्षा के बीच दोपहर 4 बजे दीपक का अंतिम संस्कार कराया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर में प्रशासनिक मिलीभगत के कारण अपराधियों का संरक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि मृतक परिवार को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
