कर्नाटक में नाबालिग लड़कों के हमले में 15 वर्षीय हिंदू छात्र की मौत, दोस्त को बचाने गया था

शिवमोग्गा : कर्नाटक के उर्गदूर इलाके में 23 फरवरी को 15 वर्षीय हिंदू छात्र संकेत की कथित रूप से हत्या कर दी गई। बताया गया कि संकेत अपने मित्र को बचाने की कोशिश कर रहा था, तभी कुछ नाबालिग लड़कों ने उस पर हमला कर दिया। यह घटना कर्नाटक राज्य कर्नाटक में हुई, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। रिपोर्ट के अनुसार संकेत अपने मित्र गिरीश के साथ सरकारी हाई स्कूल में विशेष कक्षाओं में भाग लेने के बाद घर लौट रहा था। तभी स्कूल के पीछे मैदान में कुछ लड़कों ने गिरीश से झगड़ा शुरू कर दिया। संकेत ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उसी दौरान उस पर हमला कर दिया गया।

बीच-बचाव करने पहुंचे छात्र पर हमला, अस्पताल में मौत

पुलिस के अनुसार घटना रात लगभग 8 बजे हुई। कुछ लड़कों ने गिरीश को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। संकेत ने झगड़ा रोकने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह पीटा। शिवमोग्गा के पुलिस अधीक्षक बी. निखिल के अनुसार संकेत के सीने पर गंभीर चोट लगी थी। उसके चेहरे और पेट पर भी चोटें आईं, जिसके बाद वह घटनास्थल पर ही गिर पड़ा। गिरीश ने तुरंत संकेत के परिवार और आसपास के लोगों को सूचना दी। घायल संकेत को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी लड़के पहले उसी स्कूल में पढ़ते थे और सभी नाबालिग हैं। तुंगा नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और दो नाबालिगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई, जिसके कारण अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

परिवार की न्याय की मांग, कानून-व्यवस्था पर सवाल

संकेत की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिवार ने आरोप लगाया कि इस हमले में छह लड़के शामिल थे और सभी को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। 24 फरवरी को संकेत की बड़ी बहन सुप्रिया ने कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो परिवार कठोर कदम उठा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाके में युवाओं के बीच नशे की समस्या बढ़ रही है, जिससे हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। संकेत की मां ने बताया कि वह पढ़ाई में अच्छा था और रोज सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करता था। घटना वाले दिन भी वह परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कक्षाओं में गया था। घर से निकलते समय उसने मां और दादी से दो बार विदा ली थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हुई हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्यधारा का मीडिया घटना को पूरी तरह नहीं दिखा रहा और केवल “नाबालिग” या “अज्ञात हमलावर” जैसे शब्दों का उपयोग कर रहा है। इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


क्रेडिट: OpIndia

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