लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब बीजेपी के कुछ ब्राह्मण विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की एक बैठक की खबर सामने आई। इस बैठक के बाद सोशल मीडिया पर #BJPHatesBrahmin हैशटैग ज़ोरदार तरीके से ट्रेंड करने लगा। देखते ही देखते करीब 70 हजार से ज़्यादा पोस्ट इस हैशटैग के साथ किए गए। कई लोगों ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी ब्राह्मण समाज को पूरा सम्मान और सही प्रतिनिधित्व नहीं दे रही है। इसी वजह से यह मुद्दा सोशल मीडिया से निकलकर सियासत तक पहुंच गया।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक यह बैठक लखनऊ में बीजेपी विधायक पीएन पाठक के आवास पर हुई थी। इसे एक सहभोज यानी सामूहिक डिनर बताया गया। इस डिनर में करीब 40 से अधिक ब्राह्मण विधायक और एमएलसी शामिल हुए थे।
बैठक में शामिल नेताओं ने पार्टी के भीतर ब्राह्मण समाज की स्थिति, उनकी भूमिका, सरकार और संगठन में उनकी भागीदारी और भविष्य को लेकर बातचीत की। यह बैठक बंद कमरे में हुई थी और इसकी जानकारी बाहर आने के बाद लोगों ने इसे जाति से जुड़ी राजनीति का उदाहरण मान लिया। इसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।
सोशल मीडिया पर क्यों भड़का गुस्सा, #BJPHatesBrahmin कैसे ट्रेंड हुआ
जैसे ही बैठक की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कई यूज़र्स ने लिखा कि बीजेपी में ब्राह्मण नेताओं की बात नहीं सुनी जा रही है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार और संगठन में उन्हें उचित जगह नहीं मिल रही।
इसी नाराज़गी के चलते #BJPHatesBrahmin हैशटैग ट्रेंड करने लगा। कुछ पोस्ट्स में बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाए गए, तो कुछ में पार्टी नेतृत्व पर नाराज़गी दिखाई गई। वहीं, बीजेपी समर्थकों ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि पार्टी किसी एक जाति के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए काम करती है।
यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी की सख्त प्रतिक्रिया
मामला बढ़ता देख यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस बैठक पर नाराज़गी जताई। उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी किसी भी तरह की जाति-आधारित राजनीति के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान भी कुछ जनप्रतिनिधियों ने इस तरह का आयोजन किया था, जिस पर पहले ही उन्हें चेतावनी दी जा चुकी है। पंकज चौधरी ने कहा कि इस तरह की बैठकें पार्टी के संविधान और विचारधारा के खिलाफ हैं और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
दोबारा ऐसी बैठक हुई तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
पंकज चौधरी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर भविष्य में कोई बीजेपी विधायक या नेता इस तरह की बैठक करता है, तो इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी में अनुशासन सबसे ऊपर है और सभी नेताओं को पार्टी की सोच के मुताबिक ही काम करना चाहिए। पार्टी किसी भी तरह की गुटबाज़ी या जातिगत राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।
बीजेपी का पक्ष – विकास और राष्ट्रवाद हमारी राजनीति की पहचान
पंकज चौधरी ने कहा कि बीजेपी की राजनीति विकास, राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता पर आधारित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने विकास को राजनीति का केंद्र बनाया है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में अब जाति की राजनीति कमजोर हो रही है और इसी वजह से समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस जैसे दलों का भविष्य संकट में है।
विपक्ष ने साधा निशाना, सपा-कांग्रेस ने लगाए आरोप
इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने बीजेपी पर हमला तेज कर दिया। समाजवादी पार्टी ने कहा कि बीजेपी के अंदर कई नेताओं की आवाज दबाई जा रही है। सपा नेता शिवपाल यादव ने बीजेपी के ब्राह्मण नेताओं को सपा में शामिल होने का न्योता देते हुए कहा कि उनकी पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा। वहीं कांग्रेस ने मीडिया के जरिए आरोप लगाया कि बीजेपी के भीतर जातिगत मतभेद बढ़ रहे हैं और यह बैठक उसी का सबूत है।
