लखनऊ: भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद पर उनकी पूर्व साथी डॉ. रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया पर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। स्विट्ज़रलैंड में रह रही इंदौर की पीएचडी स्कॉलर रोहिणी ने एक 29 मिनट का लाइव वीडियो कर चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप मढ़े।
“भाजपा का दलाल, बसपा को कमजोर करने की साजिश”
रोहिणी ने वीडियो में दावा किया – “चंद्रशेखर भाजपा का दलाल है। वह दलित-मुस्लिम की राजनीति कर बसपा को कमजोर करना चाहता है। मेरे पास उसका ऐसा वीडियो है, जिसे जारी कर दूं तो वह मुंह छिपाता फिरेगा। अभी एक रिकॉर्डिंग वायरल करने वाली हूं जिसमें वह बहनजी (मायावती) को गाली दे रहा है।” उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने उन्हें शादी का झांसा देकर न केवल भावनात्मक रूप से इस्तेमाल किया बल्कि दलितों में जाटव-वाल्मीकि समाज को एकजुट करने के झूठे सपने दिखाए। रोहिणी बताती हैं कि वह मायावती को समाज की “कोहिनूर” और “महानायिका” कहकर पोस्ट करती थीं। “ये सब चंद्रशेखर को नागवार लगता था। वह बहनजी के बारे में गंदी बातें करने लगता। कहता कि तुम जिस महिला का समर्थन करती हो, उसने ये किया, वो किया। मैं लाइव में भी वो गंदी बातें नहीं बोल सकती।”
“कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद की”
वीडियो में रोहिणी ने खुलकर कहा कि चंद्रशेखर ने शादी का झांसा देकर कई लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर दी है — इतना ही नहीं, दिल्ली की एक युवती तो कथित रूप से आत्महत्या तक कर चुकी है। उनके पास सहारनपुर की एक युवती के चैट भी मौजूद हैं जो इस बात की गवाही देते हैं कि वह भी चंद्रशेखर का शिकार बनी। रोहिणी ने यह भी आरोप लगाया कि 2020 में उसने गुप्त रूप से शादी कर ली थी और यह बात किसी को पता नहीं चलने दी गई। रोहिणी ने कठोर शब्दों में कहा, “ये मुझे खरीद या डरा नहीं पाया। अब मैं ही इसके विनाश का कारण बनूंगी।”
बसपा में विलय की शर्त: “मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाओ”
रोहिणी कहती हैं: “मैंने 2024 में इसे कहा था कि पार्टी चलाना तुम्हारे बस की बात नहीं। बसपा में विलय कर लो। लेकिन इसने कहा कि शर्त रखो कि विलय के बाद मुझे बसपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए। अगर समाज का भला करना था तो व्यक्तिगत नुकसान झेल सकता था, लेकिन इसे तो पद और पैसे की भूख है।” उन्होंने आरोप लगाया कि आज तक चंद्रशेखर ने अपने सांसद निधि से पांच दलित बच्चों की फीस तक नहीं भरी।
“कार्यक्रम की आड़ में चंदा वसूली”
रोहिणी ने एक और बड़ा आरोप लगाया: “इसके पार्टी के राज्य अध्यक्ष चंद्रशेखर का अपने प्रदेश में कार्यक्रम कराने की होड़ में रहते हैं। कार्यक्रम का खर्च 10 लाख होता है, लेकिन 40-50 लाख तक चंदा वसूला जाता है। ये दलित मसीहा बनकर समाज को मूर्ख बना रहा है।” रोहिणी ने दावा किया कि उन्होंने दिल्ली में मजबूत साक्ष्य देकर शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। “मेरी शिकायत में 376 की धारा लगनी चाहिए थी। पर भाजपा 2027 के चुनावी फायदे के लिए इसे बचा रही है।” उन्होंने महिला आयोग से भी शिकायत की है और कहा कि यह लड़ाई अब सामाजिक सम्मान की है।
महिला आयोग में दर्ज शिकायत: “शादी का झांसा देकर भावनात्मक शोषण”
महिला आयोग को लिखी शिकायत में रोहिणी ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का झांसा दिया और कई बार उनकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर अक्सर आत्महत्या की धमकियां देकर दबाव बनाता रहा और समाज में उनकी छवि भी खराब की गई—लोग उन्हें “रखैल” कहकर अपमानित करने लगे। मानसिक दबाव के चलते उन्होंने दो बार आत्महत्या की कोशिश तक की। इंदौर (मध्य प्रदेश) की रहने वाली रोहिणी सफाईकर्मी समुदाय से हैं और उन्हें राज्य सरकार से विदेश में पढ़ाई के लिए 1 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी। इसी दौरान 2021 में दलित सफाईकर्मियों पर प्रोजेक्ट के सिलसिले में उनका चंद्रशेखर से संपर्क हुआ। 3 जून 2021 को पहली बार फोन पर बातचीत हुई और 25 अक्टूबर 2021 को दिल्ली में दोनों की मुलाक़ात हुई। हालांकि सितंबर 2024 में ऑस्ट्रिया यात्रा के दौरान तीन दिन साथ रहने के बाद उन्हें सच्चाई पता चली—चंद्रशेखर पहले से शादीशुदा हैं और एक बच्चे के पिता भी हैं।
रोहिणी का आरोप: “मेरे परिवार को भी गुमराह किया”
रोहिणी ने कहा: “ये मेरे इंदौर वाले घर जाता था, मेरे पिता, मां और भाई-बहनों से बात करता था। उनसे भी शादी की बात छिपाई। कहता था सांसद बनने के बाद तुमसे शादी करूंगा, पर बनते ही असली चेहरा सामने आया। चंद्रशेखर के समर्थक आरोप लगा रहे हैं कि रोहिणी बसपा के हाथों में खेल रही हैं। इस पर उन्होंने साफ कहा: “मेरी बसपा के किसी नेता से बात नहीं हुई। मैंने प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव तक को साक्ष्य भेजे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। ये मेरी मान-सम्मान की लड़ाई है, अकेले ही लड़नी होगी।” चंद्रशेखर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। जो फोटो जारी किए जा रहे हैं, वे AI-जनरेटेड हैं। मैं इनका जवाब कोर्ट में दूंगा।” सफाई देते हुए उन्होंने दो तस्वीरें भी साझा कीं—एक बिना कपड़ों वाली तस्वीर, जिसे रोहिणी ने जारी किया और जिसे वे AI से बनी हुई बताते हैं, और दूसरी उनकी असली तस्वीर।
रोहिणी का ऐलान: “जेल भेजकर ही दम लूंगी”
रोहिणी कहती हैं: “चंद्रशेखर ने मेरा व्यक्तिगत सुख छीना, मैं उसका सामाजिक सम्मान छीनूंगी। वह जहां से चुनाव लड़ेगा, वहीं जाकर उसका विरोध करूंगी। पाप का घड़ा फूटेगा ही। 4 महीने में मैं भीम आर्मी और उसकी आज़ाद समाज पार्टी को आधा खत्म कर चुकी हूं। BJP उसे 2027 तक बचाएगी, उसके बाद टिश्यू पेपर की तरह फेंक देगी।”
