उच्चैन: राजस्थान सरकार ने शनिवार देर रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आरएएस के 22 अधिकारियों के तबादले किए, जिसमें उच्चैन की एसडीएम धारा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। भाजपा कार्यकर्ताओं से बढ़ते विवाद, कामकाज को लेकर शिकायतें और हाल ही में दर्ज कराए गए मुकदमे के बाद सरकार ने उन्हें लक्ष्मणगढ़ स्थानांतरित कर दिया। उनकी जगह सुरेश कुमार हरसोलिया को उच्चैन का नया एसडीएम बनाया गया है। इस फैसले ने इलाके में नई चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि कई लोगों को लंबे समय से इस बदलाव का इंतजार था।
विवाद, गाड़ी का घेराव और SC-ST एक्ट में मुकदमा—यहीं से बढ़ी तनाव की लकीरें
एसडीएम धारा अपनी तैनाती के बाद से ही लगातार विवादों में बनी रहीं। स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि वे समस्याएं नहीं सुनती थीं और अभद्र व्यवहार करती थीं। हाल ही में उनका विवाद भाजपा नेता और पंचायत समिति सदस्य दिनेश भातरा के साथ खुलकर सामने आया, जिससे माहौल गर्म हो गया। मामला तब और बढ़ गया जब एसडीएम धारा ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी का घेराव किया। उन्होंने तुरंत पुलिस में राजकाज में बाधा डालने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया। यह कदम भाजपा कार्यकर्ताओं को बेहद नागवार गुजरा और पूरे क्षेत्र में विरोध की लहर दौड़ गई। मामला आज भी जांच में है, लेकिन उस दिन की तनाव भरी हवा अब भी लोगों को याद है।
शिकायतें मंत्रियों तक पहुंचीं, सरकार पर बढ़ा दबाव—फिर आया तबादले का आदेश
मुकदमे के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था। वे जिला प्रभारी मंत्री सुरेश रावत के पास पहुंचे और एसडीएम धारा के खिलाफ शिकायतों की पूरी सूची सौंप दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि आमजन महीनों से परेशान था, पर उनकी आवाज कहीं नहीं सुनी जा रही थी। शिकायतें विधायक जगातसिंह और कई मंत्रियों तक पहुंच गईं। राजनीतिक दबाव बढ़ता गया, और आखिरकार सरकार ने स्थिति को शांत करने के लिए धारा का तबादला कर दिया। लोग अब नए एसडीएम सुरेश कुमार हरसोलिया से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वे संवाद स्थापित करेंगे, लोगों की बात सुनेंगे और पिछले कुछ महीनों से चल रहा तनाव खत्म होगा।
