हैदराबाद: तेलंगाना सरकार ने शनिवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) कोर्स की मैनेजमेंट कोटा–1 (MQ–1) सीटों पर 85% स्थानीय आरक्षण लागू करने की मंजूरी दे दी। इस निर्णय से राज्य के मेडिकल छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब 318 PG मेडिकल सीटों और 70 PG डेंटल सीटों पर तेलंगाना के छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी। सरकार जल्द ही इस फैसले को औपचारिक रूप से लागू करने के लिए एक सरकारी आदेश (G.O.) जारी करने वाली है।
तेलंगाना के छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
अब तक राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों की PG सीटें ऑल इंडिया कोटे के अंतर्गत आती थीं, जहां देशभर के उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे। परिणामस्वरूप, लगभग 60% सीटें दूसरे राज्यों के छात्रों से भर जाती थीं, जबकि तेलंगाना के स्थानीय छात्रों के पास सीमित अवसर रह जाते थे। अब इस नए फैसले के तहत, तेलंगाना के छात्रों के लिए 85% सीटें आरक्षित होंगी और शेष 15% सीटें ऑल इंडिया उम्मीदवारों के लिए खुली रहेंगी। यह निर्णय तेलंगाना के मेडिकल समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। पिछले कई वर्षों से स्थानीय MBBS स्नातक छात्र यह मांग कर रहे थे कि उन्हें PG मेडिकल कोर्स में समान अवसर मिले, क्योंकि सरकारी सीटें सीमित हैं और निजी कॉलेजों की फीस बहुत अधिक होती है।
सरकार और स्वास्थ्य मंत्री का बयान
तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा — “यह तेलंगाना के हजारों मेडिकल छात्रों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित न्याय है। यह नीति स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देगी और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देगी।” मंत्री ने बताया कि जल्द ही इस आरक्षण नीति को लागू करने के लिए एक सरकारी आदेश (G.O.) जारी किया जाएगा, जिससे नए नियमों के अनुसार एडमिशन प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और कहा कि यह कदम तेलंगाना के मेडिकल क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
डॉक्टर संगठनों और छात्रों ने जताया स्वागत
तेलंगाना के विभिन्न डॉक्टर संगठनों, जिनमें हेल्थकेयर रिफॉर्म्स डॉक्टर्स एसोसिएशन (HRDA) और तेलंगाना जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (T-JUDA) शामिल हैं, ने इस निर्णय का खुले दिल से स्वागत किया। इन संगठनों का कहना है कि अब स्थानीय छात्रों को राज्य में ही उच्च चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह नीति भविष्य में राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाएगी, क्योंकि अधिक संख्या में डॉक्टर अब तेलंगाना में ही प्रशिक्षित होकर यहीं सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा कि पहले तेलंगाना के छात्रों को ऑल इंडिया लेवल पर कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता था। अब उन्हें अपने राज्य में अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर PG शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में नया अध्याय
यह निर्णय न केवल छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगा। तेलंगाना सरकार का यह कदम स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और राज्य के चिकित्सा संस्थानों में स्थायित्व और गुणवत्ता दोनों को मजबूत करेगा। हैदराबाद से लेकर निज़ामाबाद, करिमनगर और वारंगल जैसे जिलों में मेडिकल समुदाय इस फैसले को लेकर उत्साहित है। यह नीतिगत परिवर्तन न केवल मेडिकल शिक्षा में समान अवसरों को सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि तेलंगाना के प्रशिक्षित डॉक्टर अब राज्य की जनता के स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान देंगे।
