DU नॉर्थ कैंपस में बवाल: यूजीसी नियमों पर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार से मारपीट, क्रॉस-FIR दर्ज

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉर्थ कैंपस में 13 फरवरी को यूजीसी के नए जाति-समानता नियमों को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा का मामला सामने आया। महिला यूट्यूबर-पत्रकार रुचि तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनके ब्राह्मण सरनेम को लेकर उन्हें घेर लिया, गला दबाया, बाल खींचे और कपड़े फाड़ दिए। वहीं, छात्र संगठनों ने पलटकर उन पर ही उकसाने और मारपीट करने का आरोप लगाया। घटना के बाद कैंपस में तनाव फैल गया और पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यूजीसी नियमों को लेकर प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट की रोक

13 फरवरी को वामपंथी छात्र संगठनों ने यूजीसी के नए जाति-भेदभाव विरोधी नियमों के समर्थन में DU नॉर्थ कैंपस में प्रदर्शन किया था। ये वही नियम हैं जिन पर पहले ही भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने अंतरिम रोक लगा दी है। नियमों को लेकर कैंपस में पहले से ही दो गुट बन चुके थे—एक पक्ष इन्हें सामाजिक समानता के लिए जरूरी बता रहा था, जबकि दूसरा पक्ष इन्हें एकतरफा मानकर विरोध कर रहा था। इसी तनाव के बीच प्रदर्शन के दौरान टकराव की स्थिति बन गई।

पत्रकार का आरोप: जाति बताकर हमला, भीड़ ने घेरा और कपड़े फाड़े

पत्रकार रुचि तिवारी ने बताया कि वह अपने ‘Breaking Opinion’ चैनल के लिए रिपोर्टिंग कर रही थीं, तभी 100–150 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। उनके अनुसार भीड़ चिल्ला रही थी—‘यह ब्राह्मण है, इसे पकड़ो’, ‘इसे मारो’। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों ने उनका गला दबाया, बाल खींचे और कपड़े फाड़ दिए तथा निर्वस्त्र करने की धमकी दी। जब उनके साथियों ने बचाने की कोशिश की, तो उनके साथ भी मारपीट की गई और उल्टा उन पर महिलाओं से बदतमीजी करने का आरोप लगा दिया गया। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े कुछ छात्रों ने दावा किया कि रुचि तिवारी ने पहले प्रदर्शनकारियों को उकसाया और एक छात्र को मुक्का मारा, जिसके बाद विवाद बढ़ा और धक्का-मुक्की हुई। इस घटना पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने वामपंथी संगठनों पर हमला बोलते हुए कहा कि महिला पत्रकार से मारपीट कर उनका महिला-विरोधी चेहरा सामने आया है।

पुलिस कार्रवाई: क्रॉस-FIR दर्ज, वीडियो के आधार पर जांच

घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस-FIR दर्ज की है। मारपीट, रास्ता रोकने और हिंसा से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज कर वायरल वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। 15 फरवरी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी, लेकिन पुलिस ने कहा है कि पहचान के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और बाद में अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति संभाली गई। पूरा विवाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के उन नए नियमों से जुड़ा है, जिन्हें उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव खत्म करने के उद्देश्य से लाया गया था। इस टकराव ने एक बार फिर विश्वविद्यालयों में जाति, समानता और छात्र राजनीति को लेकर बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है। फिलहाल कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

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