ब्राह्मण बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, दलितों पर आरोप; गुस्साए परिजनों ने किया सड़क जाम

सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के अखंडनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खानपुर पिलाई गांव में 70 वर्षीय ब्राह्मण बुजुर्ग उमाशंकर दूबे की कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि वे अपने पशुओं को चरा रहे थे, तभी गांव के ही कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी हिंसक झगड़े में बदल गई और बुजुर्ग पर बेरहमी से हमला कर दिया गया।

विवाद के बाद हत्या, दलित समुदाय के लोगों पर आरोप

मंगलवार शाम उमाशंकर दूबे रोज की तरह अपने पशुओं को चराने निकले थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल उमाशंकर को परिजन तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अखंडनगर ले गए, जहां डॉक्टर विवेक वर्मा ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस हमले में गांव के दलित समुदाय के कुछ लोग शामिल हैं। उनका कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। आरोप लगने के बाद गांव में तनाव फैल गया। किसी तनावपूर्ण माहौल से बचने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।

हत्या के बाद परिजनों को चारपाई पर ले जाना पड़ा शव

शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस जांच में जुटी

हत्या की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने उमाशंकर दूबे का शव अखंडनगर चौराहे पर रखकर सड़क जाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। प्रदर्शन के कारण इलाके में ट्रैफिक देर तक बाधित रहा और लोगों को भारी परेशानी हुई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दीपक कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने की कोशिश की। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के बेटे ने कहा है कि वे अपने अन्य भाइयों के आने के बाद ही पोस्टमार्टम की अनुमति देंगे। फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों की तलाश में विशेष टीम गठित कर दी है और जांच जारी है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। लोग एक बुजुर्ग की इस तरह की निर्मम हत्या से स्तब्ध हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

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