कश्मीरी पंडितों का पलायन शिक्षण संस्थानों में ‘अधिकारियों की आवाजाही’ व ‘छुट्टियों’ का हिस्सा था: केंद्र सरकार

नई दिल्ली: इसी साल अक्टूबर में कश्मीर में रह रहे लगभग 115 कश्मीरी पंडित परिवार जम्मू में चले गए हैं जिसकी जानकारी केंद्र सरकार ने संसद में दी है।

राज्यसभा में पूछे गए सवाल “क्या कई हिन्दू और सिख अपनी सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण श्रीनगर छोड़ कर जा रहे हैं ?”, के जवाब में बुधवार को गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि अक्टूबर, 2021 में कश्मीर में रह रहे लगभग 115 कश्मीरी पंडित परिवार, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे, जम्मू क्षेत्र में चले गए हैं।

बयान के मुताबिक ये सरकारी कर्मचारियों के परिवार हैं, जिनमें से अधिकतर अधिकारियों की आवाजाही (मूवमेंट) के भाग के रूप में और शैक्षिक संस्थाओं में शीतकालीन अवकाश के चलते सर्दियों में जम्मू चले जाते हैं।

अन्य सवाल के जवाब में गृह राज्य मंत्री ने कहा कि जम्मू और कश्मीर सरकार की मौजूदा स्कीम के तहत आतंकवादी हिंसा में मारे गए आम नागरिकों के निकटतम संबंधियों को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाता है।

इसके अलावा, “भारतीय क्षेत्र में आतंकवादी / सांप्रदायिक / वामपंथी उग्रवादी हिंसा और सीमा पार से गोलीबारी तथा माईन / आईईडी विस्फोटों के आम नागरिक पीड़ितों / पीड़ितों के परिवारों को सहायता की केंद्रीय स्कीम” योजना के तहत 5 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं।

श्रीनगर में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि श्रीनगर में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत सुरक्षा एवं आसूचना ग्रिड मौजूद है। आतंकवादियों के खिलाफ पूर्वसक्रिय (प्रोएक्टिव) ऑपरेशन चलाने के अतिरिक्त, अल्पसंख्यकों के निवास क्षेत्रों में स्थाई गार्डों के रूप में सामूहिक सुरक्षा के अलावा दिन व रात के समय क्षेत्र में नियंत्रण की कार्रवाई तथा गश्त की जा रही है।

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