इसी के साथ सपाक्स अपने कुल 120 उम्मीदवारो की सूचि जारी कर चूका है वही बाकी बची सीटों पर सपाक्स जल्द ही नामो की घोषणा कर सकता है ।

चुनाव चिन्ह पर लगातार चल रही अटकलों के बीच यह खबर भी निकल कर सामने आ गयी है की सपाक्स को चुनाव आयोग द्वारा पंजीकृत कर लिया गया है जिसके बाद सपाक्स अब अपने नए चुनाव चिन्ह पर मैदान में पुरे दम ख़म के साथ उतर सकेगी।
आपको हम बताते चले की सपाक्स सरकारी कर्मचारियों का एक संगठन है जिसको एससी एसटी एक्ट के विरोध में एक नई राजनितिक विकल्प के तौर पर उतारा गया है। सवर्णो के टैग से पटी इस पार्टी को प्रदेश में सवर्णो को भारी समर्थन प्राप्त है जिसके बाद से भाजपा के कोर वोट बैंक कहे जाने वाले सामान्य वर्ग के खिसकने का डर भाजपा को खाये जा रहा है।
उज्जैन और भोपाल में किये गए अपने शक्ति प्रदर्शन से लाखो लोगो का समर्थन सड़को पर उतार चुकी सपाक्स में आईएएस और आईपीएस अफसरों की टोली का पार्टी को भारी समर्थन प्राप्त है।