
राष्ट्रपति बनने के एक साल बाद ही कारगिल युद्घ में पाकिस्तान ने भारत से युद्ध का बिगुल फूँक दिया था जिसमे उसे भारत के हाथो मुँह की खानी पड़ी थी।
पाकिस्तान बनने के बाद से अभी कुल तीन बार पाकिस्तानी सेना द्वारा तख्ता पलट किया जा चूका है। पहला तख्तापलट 1958 में देखने को मिला जो की उस समय के जनरल अयूब खान द्वारा अंजाम दिया था।

1958 को हुए पहले तख्ता पलट का लेखा जोखा कुल 13 वर्षो का रहा जिसका अंत वर्ष 1971 में हुआ। परन्तु कुछ सालो बाद फिर से लोकतंत्र का गाला घोंटते हुए पाकिस्तानी सेना ने वर्ष 1977 को दूसरी बार तख्तापलट को अंजाम दिया।
दूसरा आर्मी रूल 1977 से 1988 तक चला वही दूसरे आर्मी रूल के बाद पाकिस्तान में तीसरा तख्तापलट मुँह बाए बराबर खड़ा रहा जोकि वर्ष 1999 में परवेज मुसर्रफ की अगुवाई में साकार कर दिया गया। पाकिस्तान बनने के बाद से ही पाकिस्तान में लगातार तख्तापलट होते आये है जिससे पाकिस्तान में स्थिरता की समस्या उसके पडोसी देशो को आज तक परेशान कर रही है ।