हिसार : बाल काटने और सामान देने से मना करने पर दर्ज हुआ एससी एसटी एक्ट

हरियाणा(हिसार) : हिसार में बाल काटने और सामान देने से मना करने पर सात लोगो पर एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल भाटला गांव में 15 जून 2017 को हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद गाँव में एक जाति विशेष को लेकर बहिष्कार कर दिया गया था।

इसी के चलते गाँव के लोगो ने याचिका कर्ता से हर तरह का मेल मिलाप बंद कर दिया था उसी कड़ी में जब याचिका कर्ता द्वारा 14 अगस्त 2017 को गाँव के नाई सुभाष से अपने बच्चो के बाल काटने की बात की तो उसने सामाजिक बहिष्कार का हवाला देते हुए मना कर दिया और कहा की अगर वह उनके बाल कटेगा तो उस पर 1100 रुपयों का जुरमाना व हुक्कापानी भी बंद हो जायेगा, जिसकी रिकॉर्डिंग शिकायतकर्ता ने अपने फ़ोन में कर ली थी।

Pic Credit : Jansatta

वही जब उसने राशन लेने के लिए गाँव के ही एक दूकानदार से बात की तो उसने भी बहिष्कार का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। दोनों की रिकॉर्डिंग लेकर शिकायत कर्ता जब पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं करी जिसके बाद पीड़ितों ने कोर्ट में याचिका डाल मदद मांगी।

मामले की सुनवाई करते हुए अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत हिसार में स्थापित विशेष अदालत ने 22 अक्तूबर को भाटला के पीड़ित अनुसूचित जाति के व्यक्ति की शिकायत पर थाना सदर हांसी के प्रभारी को गांव भाटला के ही गैर अनुसूचित जाति से संबंधित दो दुकानदारों सहित पांच अन्य के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट व आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

वही आपको हम बताते चले की सामाजिक बहिष्कार के चलते भाटला के विशेष समुदाय के लोग अपना धर्म परिवर्तन भी कर चुके है।

मामले में जगदीप, नरेश, बिजेंद्र, हवा सिंह, सतबीर, सुभाष व रामनिवास को आरोपी बनाया गया है ।
पुलिस ने आरोपी बिजेंद्र, सतबीर, नरेश, जगदीप, हवासिंह, सुभाष और रामनिवास के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 153ए, 504, 505, 506 और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

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