परीक्षा के हर एक प्रश्न के साथ संभावित उत्तर दिए गए थे जिसमें से किसी एक सही उत्तर को चिन्हित करना था। परीक्षा में एक अनुसूचित जाति से संबंधित था जिसके बाद इस परीक्षा में पूछे गए प्रश्न पर जाति विशेष के द्वारा विरोध जताया गया

गौरतलब है कि इस विवाद के खड़े हो जाने के बाद दिल्ली के अनुसूचित जाति व जनजाति मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के द्वारा खेद जताया गया है। बतौर राजेंद्र पाल गौतम “जाति आधारित छिछले सवाल पूछकर डीएसएसएसबी ने अपनी, भारतीय संविधान, हिंदी और इस देश की संस्कृति की गरिमा को चोट पहुंचाई है”।

उन्होंने यह सवाल भी खड़ा किया कि अगर परीक्षा में ऐसे सवाल किए गए हैं तो आखिर इस प्रश्न का क्या तात्पर्य है। गौतम ने डीएसएसएसबी के ऊपर कार्रवाई करने की मांग भी है।
फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसएसएसबी के द्वारा जांच के आदेश दिए गए है और परीक्षा में पूछे गए सवाल पर माफ़ी मांग ली है।