चंडीगढ़: पंजाब में ब्राह्मण सगंठनों व ब्राह्मण विकास मंच के प्रयासों के चलते सामाजिक न्याय एवं अल्पसंख्यक बोर्ड पंजाब द्वारा ब्राह्मण कल्याण बोर्ड बनाने की मांग को स्वीकार कर लिया गया हैं।
ब्राह्मणों के प्रति बढ़ती घटनाओं, और कई संगठनों द्वारा किए गए प्रयासों के चलते पंजाब सरकार द्वारा ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की मांग मान लिया गया है।
ब्राह्मण कल्याण बोर्ड को मंजूरी
देश में आए दिन ब्राह्मणों के साथ घटित होने वाली घटनाओं और झूठे आरोप प्रत्यारोप के चलते, ब्राह्मणों द्वारा इस आयोग की मांग की जा रही थी। जिसे सामाजिक न्याय एवं अल्पसंख्यक बोर्ड पंजाब ने स्वीकार कर लिया है और ब्राह्मण कल्याण बोर्ड बनाएं जाने का आश्वासन दिया गया है।
सामाजिक न्याय और अल्पसंख्यक विभाग पंजाब के मुख्य सचिव के अनुसार बोर्ड में कुल 7 सदस्य होंगे जिसमें चेयरमैन, वरिष्ठ चेयरमैन और वाइस चेयरमैन और बाकी सदस्य होंगे।
ब्राह्मण वैलफेयर का सांसद को धन्यवाद
वही ब्राह्मण समाज वैलफेयर फ्रंट पंजाब के प्रधान हरिन्दरपाल शर्मा के नेतृत्व फ्रंट की टीम ब्राह्मण भलाई बौर्ड बनाने पर मौजूदा सांसद परनीत कौर का धन्यवाद करने दिल्ली पहुंचे।
I thank the Punjab Government for setting up of Brahmin Welfare Board, which will act as link between the community and the government for planning & implementation of programs & policies for overall upliftment of Brahmin Samaj.
— Preneet Kaur (@preneet_kaur) March 28, 2021
पंजाब प्रधान हरिन्दरपाल शर्मा, भूषन शर्मा, कमलजीत शर्मा, अश्विनी भास्कर शास्त्री सभी ने श्लोक व मंत्र उच्चारण करते हुये सांसद को फूलों के गुलदस्ता भेंट कर के ब्राह्मण भलाई वोर्ड बनाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। सांसद परनीत कौर ने बडे ही विनम्रता पूर्वक पूरी बात को सुना और इस विषय पर कहा कि ब्राह्मण समुदाय बहुत लम्बे समय से ब्राह्मण भलाई बोर्ड़ की मांग करते आ रहे है जिसे अब पूरा करना समय की मांग है।
ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के मुख्य कार्य:
- ब्राह्मण समाज की जरूरतों और समस्याओं की पहचान करना और सुझाव देना उनके निवारण के उपाय।
- ब्राह्मण समाज के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए कार्यक्रमों और नीतियों की योजना और कार्यान्वयन के लिए समुदाय और सरकार के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करना।
- आपसी संबंधों, सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को मजबूत करने में मदद करना।
बता दें कि बोर्ड का कार्यकाल दो वर्ष का होगा और यह छह महीने में एक बार बैठक करेगा। और बोर्ड का मुख्यालय चंडीगढ़ में होगा।
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
