औरंगाबाद- हिन्दूओं की आस्था और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का नया मामला बिहार के औरंगाबाद जिले से सामने आया है, जहां हसपुरा थाना क्षेत्र के काजी बिगहा स्थित देवी मंदिर में असामाजिक तत्वों के द्वारा मांस के टुकड़े फेंक कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई हैं. घटना की सूचना मिलते ही गुस्साए ग्रामीणों ने टायरों में आग लगाकर आगजनी शुरू कर दी और हसपुरा की मुख्य सड़क को जाम कर दिया हैं.
Chopped pieces of prohibited meat were thrown inside the temple in Aurangabad, Bihar. Within a year, this was the fifth time that the same incident happened. The meat was thrown inside the garb griha of Kaji Bigha Devi temple. No one has been arrested so far. pic.twitter.com/Y3ECn3NZWn
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) December 24, 2023
आक्रोशित ग्रामीण घटना स्थल पर उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहें हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मांस फेंकने जैसी घटना के बाद मंदिर अपवित्र हो गया है, इसे तोड़कर नया बनाया जाए. इतना ही नहीं मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी हैं.
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए बताया कि यह पहला मामला नहीं है, जब हिन्दूओं के पवित्र धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बीते छह महीनों में यह पांचवीं घटना है, जब मंदिरों में मांस के टुकड़े फेकें गए हैं. इससे पहले भी देवी मंडपम और महावीर मंदिर में मांस के टुकड़े फेंक कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. जिसके चलते आरोपियों के हौसले बुलंद हैं.
बता दे कि हसपुरा प्रखंड में बीते महीने 2 जुलाई को भी आरोपियों द्वारा तीन स्थानों पर मांस के टुकड़े रख दिए गए थे, यह मामला सुलझा ही नहीं था कि 21 जुलाई को पुनः एक जगह मांस का टुकड़े पाए गए थे. जिसके बाद पुलिस कार्रवाई से नाराज लोगों ने दो दिनों तक हसपुरा बाजार को बंद रख कर आक्रोश जताया था, हालांकि आमजन के विरोध के बाद पुलिस ने इस मामले में अमझरशरीफ के तीन लोगों बदरुद्दीन कुरैशी, मोइज आलम और परवेज़ आलम को गिरफ्तार कर लिया था.
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
