कुल्लू- एससी एसटी एक्ट के विरोध में गुरूवार को उत्तराखंड के कुल्लू में देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा के बैनर के तले सैकड़ों लोगों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन कर रहें लोगों का कहना है कि दो महीने पहले मणिकर्ण घाटी के जलूग्रां में सड़क निर्माण को लेकर दो पक्षों में जमीनी विवाद हो गया था, जिसके बाद सवर्ण समाज की एक महिला और बेटी पर जाति सूचक शब्द कहने का झूठा आरोप लगाते हुए एससी एसटी एक्ट का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया गया था।
बता दे कि पीड़ित महिला और बेटी के समर्थन में सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग ढालपुर के ऐतिहासिक मैदान पर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने राजनीतिक पार्टियों सहित शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में महिला व बेटी को न्याय दिलाने और पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की करने की मांग की हैं।
मामला झूठा ही क्यों न हो, पुलिस FIR दर्ज कर लेती हैं
देवभूमि क्षत्रिय संगठन और सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार एससी एसटी एक्ट के अन्तर्गत शिकायत मात्र मिलने पर एफआईआर दर्ज कर लेती है, फिर चाहे वह मामला झूठा ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि चाहे राज्य हो या देश इतिहास उठाकर देख लो एससी एसटी एक्ट के तहत अधिकतर मामले झूठे पाए जाते हैं। लेकिन जिस महिला या व्यक्ति पर मामला दर्ज किया जाता है, उसे जमानत के लिए मजबूरन हाईकोर्ट तक जाना पड़ता हैं।
Protests against the SC ST Act broke out after multiple false cases were reported in the Devbhumi. Some days ago, a journalist who was fighting for Ankita Tomar's case was booked in the SC-ST act. Now, a poor woman is booked in this act. The protesters blame govt for making the… pic.twitter.com/CnJW7gN7B7
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) January 18, 2024
उन्होंने कहा कि एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होने के बाद हर कोई हाईकोर्ट तक पहुंचने में सक्षम नहीं होता है, पीड़ित को हाईकोर्ट के दरवाजे तक पहुंचने के लिए लाखों रूपये खर्च करने पड़ते हैं। जबकि शिकायत करने वाले को सरकार खुद लाखों रुपए देती हैं। इतना ही नहीं एससी एसटी एक्ट के तहत अगर कोई व्यक्ति केस जीत भी जाता है तो वह मानहानि का केस तक नहीं कर सकता।
उन्होंने सख्त लहजे में शासन प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए एट्रोसिटी सिटी का गलत इस्तेमाल कर रहें है, सवर्ण समाज यह अन्याय कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। संपूर्ण सवर्ण समाज इस काले कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा और न्याय लेकर रहेगा।
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
