बेंगलुरु: कर्नाटक के कोलार जिले में एक हिन्दू मंदिर के परिसर में दलित संगठन द्वारा उत्पात मचाया गया है, जिसका एक वीडियो भी सोशलमीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किस तरह से मंदिर पर हमला बोल दिया और मंदिर परिसर में लगे भगवा झंडों को उतार कर उनके स्थान पर भीम राव अंबेडकर से मिलते-जुलते झंडे फहराए दिए।
जानिए क्या था घटना?
बीते दिनों जिले के एक हिन्दू मंदिर में कथित तौर पर देवता की दिव्य छड़ी को छूने पर एक दलित युवक के परिवार पर जुर्माना लगाया गया था, जबकि इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए ग्रामीणों का कहना था कि मंदिर में पूजा करने वाले एसटी समुदाय से ही हैं।
जिसके बाद पुलिस ने कथित तौर पर देवता की दिव्य छड़ी को छूने पर दलित युवक के परिवार पर लगाये गए जुर्माने के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनकी पहचान नारायणस्वामी, रमेश आर, चलापति, मोहन राव और चिन्नाय्या के रूप में हुई है।
Dalit organizations forcefully hoist Ambedkar's flag in a Hindu temple in the Kolar District of Karnataka. The Dalit organisations have allegedly said that a Dalit boy was fined 60k rs for touching a pillar. The Pujari of the temple belongs to the ST category. pic.twitter.com/gGQdHN57Lg
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) September 28, 2022
वहीं दलित परिवार पर अत्याचार के मामले में गांव के बाकी लोगों का कहना है कि गांव में दलित और ऊंची जाति में किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं है, न ही किसी के भी मंदिर जाने पर प्रतिबंधित लगाया हैं।
सोशलमीडिया पर हो रही आलोचना
वहीं इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशलमीडिया पर लोगों काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है, एक यूजर्स प्रणय धारीवाल का कहना है कि हम सहन करते रहते है इसलिए हर कोई हमारे धार्मिक स्थलों के साथ इस तरह का कृत्य करने का दुस्साहस प्रयास करता हैं।
मैं उन्हें अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों के प्रति समान दुस्साहस दिखाने की चुनौती देता हूं”।
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
