रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने देश की पहली स्वदेशी मशीन पिस्तौल ASMI (Machine Pistol ASMI) को मेड इन इंडिया के तहत विकसित किया है।
यह आत्मनिर्भर भारत की सफलता की ओर एक नया कदम हैं यह भारत और भारतीयों के लिए सुखद खबर है। माना जा रहा है कि इस कदम से भारत अपनी ताकतों में और इजाफा कर सकता है और आत्मनिर्भर भारत के तहत नये कीर्तिमान स्थापित करेगा।
भारत लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहा है। साथ ही सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा आधुनिक हथियार भारत में बनें और उनका इस्तेमाल सुरक्षाबल करें।
मशीन पिस्तौल ( ASMI )
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, डीआरडीओ द्वारा भारतीय सेना (Indian Army) की मदद से विकसित की गई पिस्तौल को रक्षा बलों में 9 mm पिस्तौल को बदलने के लिए तैयार किया गया है ये मशीन पिस्तौल अन्य देशों की तरह ही इजरायल की उजी (UZI) श्रृंखला की गन में शामिल हैं. ये 100 मीटर की दूरी पर फायर करने में सक्षम है अभ्यास के तहत पिछले चार महीने में 300 राउंड की फायरिंग की गई.
India’s first indigenous machine pistol ASMI developed jointly by DRDO (Defence Research and Development Organisation) and Indian Army displayed today at the Army’s innovation display event. The gun would be offered to replace the 9mm pistols in the defence forces. pic.twitter.com/lKofRZJHb0
— ANI (@ANI) January 13, 2021
इसके अलावा DRDO की ही एक यूनिट Combat Vehicles Research and Development Establishment (CVRDE) के द्वारा unmanned aerial vehicles में लगने वाले Retractable landing gear systems को भी रविवार को नौसेना को सौंपा गया है। इस सौंपने के मौके पर DRDO के चेयरमैन जी सतीश रेड्डी (G Satheesh Reddy) ने कहा कि यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और उन्होंने CVRDE को धन्यवाद किया।
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
