हाथरस- उत्तरप्रदेश के हाथरस जिले में तथाकथित अंबेडकर वादियों के द्वारा दलितों के घर जाकर हिन्दू देवी-देवताओं और ब्राह्मणों के खिलाफ अपनी नफरत फैलाने का मामला सामने आया है, जहां दलितों समुदाय के घरों में स्थापित मूर्तियों को बाहर निकाला जा रहा है और घरों के बाहर लगे देवी-देवताओं के पोस्टरों को भी फाड़ कर फेंका जा रहा हैं।
फेसबुक पर फैलाई जा रहीं थी गलत जानकारी
आपको बता दे कि जिले के सादाबाद थाना क्षेत्र के जटोई गाँव में बीते दिनों 7 जनवरी को बौद्ध गाथा प्रोग्राम कमेटी के अध्यक्ष गौरव सिंह पुत्र श्री कृष्ण, उपाध्यक्ष रवेन्द्र पुत्र दामोदर, कोषाध्यक्ष रंजीत पुत्र राम प्रसाद विकास पुत्र किशन पाल, प्रवीन पुत्र रामनिवास के द्वारा बौद्ध कथा का आयोजन कराया जा रहा था।
इसी दौरान 11 जनवरी को सोशलमीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर ACP TOOFAN SONU नामक फेसबुक अकाउंट से एक विडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें मनुवादी विचार धारा को खत्म करने के लिए जटोई गाँव पहुँचने का आव्हान किया गया था। इतना ही नहीं वायरल वीडियो में हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं की तस्वीरों को पैरों से कुचलते हुए दिखाया गया और साथ ही साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग भी किया जा रहा था।
Ambedkarites are abusing and vandalising the statues of Hindu deities in Hathras, UP. They are going door to door to show their hatred for the Brahmins. When someone complained about these activities they threatened him with the SC-ST act. No media will show you this. pic.twitter.com/TIwUPjYd5c
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) January 14, 2023
वहीं सोशलमीडिया पर की गई भड़काऊ पोस्ट संबंध में जब पुलिस इस मामले में जांच करने के लिए गाँव पहुंची तो दलितों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया, जिसमें एक सब इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसके बाद पुलिस ने 17 हमलावरों और 50 अज्ञातों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था।
विरोध करने पर एससी एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी
आपको बताते चले कि जटोई गाँव निवासी धर्मेन्द्र सिंह पुत्र श्री नारायण सिंह का कहना है कि गाँव में अत्यधिक जाटव समाज के घर है और आये दिनों हिन्दू धर्म के देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करते रहते है, इतना ही नहीं विरोध करने पर मारपीट के लिए उतारू हो जाते हैं और एससी एसटी एक्ट में मुकद्दमा दर्ज कराने की धमकी देते हैं।
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
