कानपुर देहात. बीते दिनों उत्तरप्रदेश में कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के मण्डौली गाँव में अतिक्रमण की कार्रवाई के दौरान झोपड़ी में आग लगने से दो ब्राह्मण महिलाओं की जलकर मौत हो गई थी, जिसके बाद एक ब्राह्मण संगठन “मैं ब्राह्मण हूं महासभा” के अध्यक्ष और एडवोकेट दुर्गेश मणि त्रिपाठी पीड़ित परिवार से मिलने और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में मड़ौली गाँव पहुंचे थे।
जहां कथित भाजपा दलित नेता और जिला पंचायत सदस्य कृष्णा गौतम के द्वारा ब्राह्मणों को भद्दी-भद्दी गालियां दी गई थी और ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष दुर्गेश मणि त्रिपाठी को भी चप्पल से मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन अब ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष दुर्गेश मणि त्रिपाठी व उनके साथी सौरभ त्रिपाठी और विवेक शुकला के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य कृष्णा गौतम की शिकायत पर थाना अकबरपुर में एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया गया हैं।
ब्राह्मणों को गालियां देने का वीडियो वायरल
बीते दिनों सोशलमीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा था, जिसमें कथित भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य कृष्णा गौतम के द्वारा ब्राह्मणों को गंदी-गंदी गालियां दी गई थी. इतना ही नहीं पीड़ित परिवार की मदद के लिए पहुंचे “मैं ब्राह्मण हूं महासभा” के अध्यक्ष और एडवोकेट दुर्गेश मणि त्रिपाठी को भी छेड़छाड़ और एससी एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई थी।
ब्राह्मणों पर अब लगेगा SC-ST एक्ट. कानपुर में आए ब्राह्मण संगठन के नेता को दलित जिला पंचायत सदस्य ने सरेआम चप्पल मारने और हरिजन एक्ट में फसाने की धमकी दी. युवक का दोष इतना है कि वो न्याय की मांग कर रहा था. साथ ही पंचायत सदस्य कृष्णा गौतम ने ब्राह्मणों को लेकर अपशब्द भी कहे. pic.twitter.com/m3T8va6WD8
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) February 16, 2023
ट्विटर पर लोगों में काफी आक्रोश
आपको बता दे कि कानपुर देहात में पीड़ित ब्राह्मण परिवार के साथ हुए अन्याय और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर सोशलमीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा हैं। एक यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कानपुर देहात में मां-बेटी जिंदा जलकर मर गई, पीड़ित परिवार का साथ देने पहुंचे ब्राह्मण नेताओं को चप्पल पड़े, और अब उन्हें ही SC-ST एक्ट के तहत जेल भेजने की तैयारी हो रहीं हैं।
वहीं अन्य एक यूजर ने लिखा कि कानपुर देहात की “ना भूतो ना भविष्यति” वाली वीभत्स घटना और उसी क्रम में पोस्टमॉर्टम हाउस पर स्थानीय विधायक, उनके पति और उनकी दलित सहयोगी ( जिन्होंने ये मुकदमा दर्ज कराया) का आभारी हूं। ऐसी ही कुछ घटनाएं और भी अपेक्षित हैं, ताकि कुंभकर्ण की नींद सो रहा ब्राह्मण समाज जाग सके।
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
