गाजियाबाद- हमें रोजना ऐसे कितने ही केस देखने को मिल जाते है, जिसमें एससी एसटी एक्ट का दुरूपयोग कर निर्दोष लोगों फंसाया जा रहा है या फर्जी केस दर्ज करवा कर समझौते के नाम पर लाखों रुपए ऐंठे जा रहें है। ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद जिले के लोनी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां पार्षद पति के द्वारा घर के बाहर पोस्टर चिपकाने से मना करने पर उसके खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया हैं।
जानिए क्या है मामला?
आपको बता दे कि घटना बीते दिनों 2 जनवरी के दौरान की है, जहां एक ओर वार्ड क्रमांक 28 वेद बिहार से समाजवादी पार्षद निशा सिंह के पति मनीष ठाकुर का कहना है कि बीजेपी कार्यकर्ता राहुल पाल की दुकान कनक बिग स्टोर पर काम करने वाले दो युवक मोहित और उदय उनके घर के बाहर उनके पोस्टरों के ऊपर सुरेश पाल के शुभकामनाओं वाले पोस्टर लगा रहे थे।
जिस पर मेरे द्वारा आपत्ति जताने पर उनमें से एक युवक मोहित कुमार ने लोनी थाने में उनके खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इतना ही नहीं पार्षद पति मनीष ठाकुर के द्वारा एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें पोस्टर के ऊपर लगे पोस्टर को साफ तौर पर देखा जा सकता हैं।
SC-ST act registered on a BJP parshad just because he refused a Dalit guy to paste the sticker of another party on his house. Happened in Loni, Ghaziabad, UP. Parshad Ji requested our team for help. This is completely wrong and its misuse is going to another level. pic.twitter.com/ud61EsdYc7
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) January 9, 2023
वहीं शिकायत दर्ज कराने वाले दलित युवक मोहित कुमार का आरोप है कि वह 2 जनवरी को दुकान से लंच करने के लिए घर जा रहा था, उसी दौरान मेरे हाथ में सुरेश पाल के शुभकामनाओं वाले पोस्टर देखकर पार्षद पति मनीष ठाकुर भड़क गया और गलौज करने लगा।
इतना ही नहीं मुझे पकड़ कर जबरन अपने घर के अंदर ले गया और गाली गलौज करते हुए जमकर मारपीट की, हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रहीं हैं।
Kapil reports for Neo Politico Hindi.
