लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में समाजवादी पार्टी के 22 वर्षीय कार्यकर्ता प्रियांशु ओझा की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी गई। यह वारदात बुधवार रात कटरा कोतवाली क्षेत्र के हरना की गली में हुई। घर लौटते वक्त प्रियांशु पर कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। हमलावरों ने गली के शिव मंदिर के पास घात लगाकर इस घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद से इलाके में तनाव फैल गया है। पिता सुरेश चंद्र ओझा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाते हुए कहा, “आपका सिपाही मर गया, हमारी मदद करें।”
वारदात: घर से महज 150 मीटर दूर घेरकर हमला
बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे प्रियांशु अपनी स्कूटी से घर लौट रहे थे। घर से महज 150 मीटर दूर शिव मंदिर के पास घात लगाकर बैठे तीन हमलावरों ने प्रियांशु को रोका। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों और प्रियांशु के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। सिर और गले पर किए गए वार से प्रियांशु लहूलुहान हो गए। हमले के दौरान खून की धार शिव मंदिर के आसपास की दीवारों और गली में बिखर गई। शोर सुनकर आसपास के लोग बाहर निकल आए। यह देख हमलावर मौके से फरार हो गए।
Shoshit Vanchits kiIIed a young Brahmin boy by using axe and other sharp weapons. The attack was so brutal that his b0dy parts were came out on the road. Priyanshu Ojha, 22 years old, was attacked while he was coming home from a Shiv Temple. Look at video the bIood is flowing… pic.twitter.com/isD9LH8LMk
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) January 3, 2025
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
शोरगुल सुनकर परिवार और पड़ोसी घटनास्थल पर पहुंचे। खून से लथपथ हालत में प्रियांशु को मोटरसाइकिल पर बिठाकर तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि रास्ते में ही प्रियांशु की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया।
मुख्य आरोपियों पर परिवार का आरोप, दो गिरफ्तार
प्रियांशु के पिता सुरेश चंद्र ओझा ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दी है। परिवार ने आरोप लगाया कि घटना से कुछ दिनों पहले पड़ोस के एक युवक से प्रियांशु का विवाद हुआ था, जिसके कारण हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। एसपी नक्सल ओपी सिंह ने बताया कि घटना की जांच के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, और जल्द ही मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया है।
“आपका सिपाही मर गया,” पिता ने अखिलेश यादव से न्याय की गुहार
प्रियांशु के पिता सुरेश चंद्र ओझा, जो पेशे से कचहरी में मुंशी हैं, बेटे की हत्या से बुरी तरह टूट गए हैं। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मदद की अपील करते हुए कहा, “हमारा बेटा आपकी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था। हमें न्याय दिलाएं।” परिजनों ने बताया कि प्रियांशु समाजवादी पार्टी के हर छोटे-बड़े प्रदर्शन और कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव से कई बार मिल चुके थे। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव है। लोगों में भय और गुस्से का माहौल देखा गया। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। कटरा कोतवाली थाना क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं।
प्रियांशु की निजी जिंदगी: जिम्मेदार बेटा और सपा के प्रति समर्पित
22 वर्षीय प्रियांशु ओझा, जो दो भाइयों में छोटे थे, आइस फैक्ट्री में प्राइवेट नौकरी करते थे। मां की पहले ही मौत हो चुकी थी। बड़े भाई इशु ओझा भी प्राइवेट जॉब करते हैं। परिवार के मुताबिक, प्रियांशु राजनीतिक गतिविधियों में बेहद सक्रिय रहते थे। सपा के प्रदर्शन और आंदोलनों में उनकी हिस्सेदारी हमेशा अग्रणी रहती थी। परिवार का कहना है कि इस हत्या के पीछे साजिश है। पड़ोस के एक युवक से प्रियांशु का कुछ दिनों पहले विवाद हुआ था, और हत्या में उसी का हाथ होने का आरोप लगाया जा रहा है। पुलिस ने इस पहलू को ध्यान में रखकर जांच तेज कर दी है।
पुलिस जांच और भविष्य की कार्रवाई पर नजर
इस हत्याकांड ने मिर्जापुर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीमें बनाईं हैं। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद तीसरे की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि क्षेत्र के लोग इस घटना के जिम्मेदार अपराधियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
