2026 में सरस्वती पूजा और विसर्जन पर 24 हमले: भारत और बांग्लादेश में हिंदू त्योहार को बनाया गया निशाना

नई दिल्ली :भारत – वर्ष 2026 की शुरुआत में ही हिंदू समुदाय पर लक्षित हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। सरस्वती पूजा और सरस्वती विसर्जन के दौरान भारत के बिहार, झारखंड, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, गुजरात और पड़ोसी देश बांग्लादेश में कुल 24 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें पूजा, शोभायात्रा और विसर्जन को निशाना बनाया गया। कई जगहों पर पथराव, मारपीट, घरों में तोड़फोड़, बमबाजी और मूर्ति तोड़ने जैसी घटनाएं हुईं।

बिहार और झारखंड में सरस्वती विसर्जन के दौरान हिंसा

वैशाली (बिहार) में 27 जनवरी को सरस्वती मूर्ति विसर्जन से लौट रहे हिंदू श्रद्धालुओं पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। नवानगर इलाके में जुलूस का रास्ता बदलवाने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद पथराव, लाठी-तलवार से हमला किया गया। कई श्रद्धालु घायल हुए, जिन्हें बिदुपुर पीएचसी और निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात काबू में आए और कई लोगों पर केस दर्ज किए गए। दरभंगा (बिहार) के अलीनगर क्षेत्र में 25 जनवरी को ‘जय श्रीराम’ भजन बजाने के विरोध से शुरू हुआ विवाद 26 जनवरी को विसर्जन के दौरान हिंसा में बदल गया। जयंतिपुर गांव में पथराव हुआ, तीन हिंदू श्रद्धालु घायल हुए। पुलिस ने इलाके में भारी बल तैनात किया। हाजीपुर (बिहार) में 24 जनवरी को सरस्वती पूजा के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर जबरन डीजे बंद कराने से ग्रामीण भड़क गए। पूजा बाधित हुई और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। कटिहार (बिहार) के बिंदटोली स्थित एक स्कूल में 24 जनवरी को सरस्वती पूजा पर रोक लगा दी गई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। बाद में स्कूल प्रबंधन ने अगले वर्ष से पूजा दोबारा कराने का आश्वासन दिया। लोहरदगा और हजारीबाग (झारखंड) में 24–25 जनवरी को सरस्वती विसर्जन जुलूस पर पथराव, घरों पर हमला और मारपीट हुई। लोहरदगा के बारीडीह गांव में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हजारीबाग में पथराव में पुलिसकर्मी भी घायल हुए। भागलपुर (झारखंड) के गोहरियों गांव में सरस्वती पूजा के दौरान बम फेंके गए, जिसमें कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए।

त्रिपुरा और असम में पूजा स्थल पर हमले और तोड़फोड़

कैलाशहर (त्रिपुरा) के कटल दीघीरपार इलाके में 24 जनवरी को हथियारों से लैस 16 लोगों ने सरस्वती पूजा को बाधित करने की कोशिश की। इस दौरान हिंसक झड़प हुई, भाजपा नेताओं के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। कई लोग घायल हुए, पुलिस ने हालात संभाले। डिब्रूगढ़ (असम) में 24 जनवरी को सरस्वती माता की मूर्ति को अज्ञात लोगों ने तोड़-फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे स्थानीय हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। भारत के साथ-साथ बांग्लादेश में भी सरस्वती पूजा के दौरान हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया गया। वहां भी पूजा पंडालों और विसर्जन कार्यक्रमों के दौरान हमलों की खबरें सामने आईं, जिससे हिंदुओं में भय और असुरक्षा का माहौल बना।


न्यूज़ क्रेडिट:
opindia

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