बीकानेर: राजस्थान में सेना ने ग्रामीणों को कड़ी चेतावनी दी है। सैन्य वाहनों से लगातार पेट्रोल और डीजल चोरी होने के बाद सेना ने पुलिस थानों और आसपास के गांवों के सरपंचों को पत्र भेजकर साफ कहा है कि रात की ड्यूटी पर तैनात संतरी अब हथियारों के साथ गश्त करेंगे और चोरी करते पकड़े जाने पर हथियार का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। सेना ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी उसी व्यक्ति की होगी, सेना की नहीं।
बढ़ती चोरी से सेना सख्त, सरपंचों से कहा—लोगों को तुरंत जागरूक करें
सेना के मुताबिक, बीकानेर जिले के कई गांवों के लोग रात में सैन्य क्षेत्र में घुसकर वाहनों से पेट्रोल-डीजल निकालकर ले जाते हैं। कई चेतावनियों के बाद भी चोरी नहीं रुकी, जिसके बाद सेना ने समीक्षा बैठक की और रात की सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला लिया। पत्र में साफ लिखा गया है कि संतरी पूरी तरह हथियारों से लैस रहेंगे और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि होती है, तो वे कार्रवाई कर सकते हैं। सेना ने सरपंचों से कहा है कि वे अपने गांवों में लोगों को बता दें कि चोरी या गलत गतिविधि करते पकड़े जाने पर होने वाली किसी भी घटना के लिए सेना जिम्मेदार नहीं होगी। ये पत्र कई गांवों को भेजे गए हैं—रामसरा, जसवंतसर, असरासर, गुंसाईणा, बालादेसर, फुलेजी, श्योनाथपुरा, खरबारा, भानसर, महादेववाली, किशननगर सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
पुलिस भी अलर्ट—“सैन्य क्षेत्र में न जाएं, कार्रवाई होगी”
लूणकरणसर और महाजन थाना पुलिस ने भी पत्र मिलने की पुष्टि की है। पुलिस ने ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि सैन्य इलाकों में बिना अनुमति घुसना पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसा करने पर सेना त्वरित कार्रवाई कर सकती है। महाजन थाना प्रभारी रामकेश मीणा ने कहा कि ऐसी स्थिति में प्राथमिक कार्रवाई सेना करेगी। यदि मामला पुलिस के पास आता है, तो पुलिस भी कठोर कदम उठाएगी। चेतावनी के बाद स्थानीय ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ गई है। लोग कह रहे हैं कि सेना की ओर से इतनी सख्त भाषा में चेतावनी पहले कभी नहीं आई थी।
