बीकानेर: राजस्थान के शेरूणा गांव में 18 साल की एक ब्राह्मण लड़की की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। लड़की 2 दिसंबर की शाम घर से गायब हुई थी और अगले ही दिन उसकी लाश गांव से करीब 500 मीटर दूर तालाब में मिली। परिवार ने अपने ही खेत में रहने वाले जोरा राम पर दुष्कर्म, हत्या और सबूत छुपाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद गांव में तनाव है और लोग इसे हाल ही में चर्चित हुए संतोष वर्मा के विवादित बयान से जोड़कर भी देख रहे हैं।
क्या था मामला?
FIR के अनुसार, 2 दिसंबर की शाम करीब 4 बजे लड़की घर पर ही थी, लेकिन कुछ देर बाद अचानक गायब हो गई। परिवार और गांव के लोगों ने रातभर खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 3 दिसंबर की सुबह 1:43 बजे परिवार ने शेरूणा थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस तत्काल गांव पहुंची और तलाश के दौरान तालाब में लड़की का शव मिला। FIR में लड़की की उम्र 18 वर्ष बताई गई है। परिवार ने शिकायत में कहा है कि जोरा राम, जो उनके ही खेत में बने मकान में रहता था, अक्सर घर में आता-जाता था और उसी ने लड़की को घर से उठाया। परिजनों का आरोप है कि उसने पहले दुष्कर्म किया, फिर उसकी हत्या कर दी और लाश तालाब में फेंककर खुद को बचाने की कोशिश की। पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी, फोरेंसिक जांच और गांव के CCTV फुटेज समेत सभी जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत का स्पष्ट कारण सामने आएगा।
रेप–मर्डर और POCSO की गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी जोरा राम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके खिलाफ IPC की धारा 376 (दुष्कर्म), 302 (हत्या), 363 (अपहरण), 201 (सबूत छुपाना) और POCSO एक्ट की सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। लोगों में गहरा आक्रोश है और वे कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, कई लोग इस वारदात को हाल ही में IAS अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान से जोड़कर भी देख रहे हैं — “आरक्षण तब तक चलेगा, जब तक किसी ब्राह्मण घर की बेटी मेरे बेटे को दान में न दे।” यह बयान पहले ही देशभर में विवाद का कारण बना था, और बीकानेर की इस घटना के बाद इसे लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
