इंदौर: मध्य प्रदेश से लेकर स्विट्ज़रलैंड तक फैले इस विवाद ने सोशल मीडिया और राजनीति—दोनों को हिला दिया है। कभी एक-दूसरे के बेहद करीब रहे सांसद चंद्रशेखर रावण और उनकी कथित एक्स-गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी के बीच टकराव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ आरोप, धमकियाँ और गहरी व्यक्तिगत चोटें खुलकर सामने आ रही हैं। रोहिणी के ताज़ा पोस्ट न सिर्फ़ आक्रामक हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि यह लड़ाई अब निजी रिश्ते से उठकर आत्मसम्मान और परिवार की मर्यादा की जंग बन चुकी है।
“मेरे मम्मी-पापा मेरे भगवान हैं…” — परिवार पर कथित धमकी के बाद भड़की रोहिणी
रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट किया जिसने राजनीतिक हलकों में तुरंत सनसनी फैला दी। उन्होंने दावा किया कि सांसद चंद्रशेखर ने उनके माता-पिता को जेल भिजवाने की धमकी दी। इस आरोप के साथ ही उनके शब्दों का तेवर अचानक बदल गया। उन्होंने लिखा कि उनके माता-पिता उनकी दुनिया हैं, और उन्हें ज़रा सी भी पीड़ा पहुँचाने की कोशिश की गई तो वह भारत लौटकर वह सब करेंगी, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। उनके शब्दों में गुस्सा, चोट और डर का मिला-जुला असर साफ़ दिखाई देता है—“मेरे माता-पिता भगवान हैं। उन्हें तंग किया तो इंडिया आकर ऐसी ताकत दिखाऊंगी कि अमित शाह भी बचा नहीं पाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि लड़ाई उनसे होनी चाहिए, उनके परिवार से नहीं, और वह अब किसी कीमत पर पीछे हटने वाली नहीं हैं।
“अब मैं तेरी जानी दुश्मन हूँ”— दूसरा पोस्ट और भी उग्र, रिश्ते के टूटने का दर्द साफ़
पहले पोस्ट के कुछ ही घंटे बाद रोहिणी का दूसरा पोस्ट सामने आया, जो पहले से कहीं ज्यादा तेज, ज्यादा भावनात्मक और ज्यादा खतरनाक था। उन्होंने लिखा— “तेरी दुश्मन थी नहीं, लेकिन अब जानी दुश्मन बन गई हूँ। अब तुझे पूरी तरह खत्म करके रहूँगी।” इस पंक्ति में वह दर्द भी है जो कभी प्रेम में मिला, और वह आक्रोश भी जो आज दुश्मनी में बदल चुका है। उन्होंने यह भी लिखा कि जब बात माँ-बाप की इज़्ज़त पर आती है, तो बच्चे हर मर्यादा लांघ जाते हैं। और अब वह भारत लौटकर इस लड़ाई को अंत तक ले जाएँगी। उनका यह पोस्ट दर्शाता है कि यह विवाद अब सिर्फ़ दो लोगों के बीच की गलतफहमियाँ नहीं, बल्कि एक गहरा भावनात्मक घाव बन चुका है।
सफाईकर्मी की बेटी से स्विट्ज़रलैंड तक—रोहिणी का जीवन संघर्ष, शिक्षा और परिवार की कहानी
इंदौर में जन्मी रोहिणी घावरी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनकी माँ बीमा अस्पताल में सफाईकर्मी थीं और पिता शिव घावरी समाजसेवा से जुड़े थे। सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज की समस्याओं पर आवाज़ उठाना उनके पिता के जीवन का बड़ा हिस्सा था। गरीब परिवार में पली-बढ़ी रोहिणी ने पढ़ाई को ही अपना रास्ता बनाया। केंद्रीय विद्यालय इंदौर से शिक्षा पूरी कर 2019 में उच्च अध्ययन के लिए स्विट्ज़रलैंड गईं। वहीं से उन्होंने अपनी पीएचडी शुरू की और आज वह वहीं नौकरी करती हैं। रोहिणी की दो बहनें और एक भाई है—एक डॉक्टर, एक गृहिणी, और छोटा भाई इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। उनकी कहानी एक साधारण परिवार की उस लड़की की कहानी है जिसने मेहनत से दुनिया बनाई, लेकिन निजी संबंधों की उथल-पुथल ने उनके जीवन को फिर से हिला दिया।
प्यार, टूटन और आरोप—कैसे शुरू हुआ यह विवाद जो आज दुश्मनी बन गया
2019 में स्विट्ज़रलैंड में पढ़ाई के दौरान रोहिणी की मुलाकात चंद्रशेखर रावण से हुई। दोनों करीब तीन साल तक रिश्ते में रहे।
समय के साथ रिश्ता खराब हुआ और रोहिणी ने उन पर यौन उत्पीड़न, मानसिक शोषण और धोखे का आरोप लगाया चंद्रशेखर की ओर से इन आरोपों को हमेशा नकारा गया और इसे राजनीतिक साजिश बताया गया। कुछ महीने पहले रोहिणी ने आत्महत्या की धमकी देते हुए लिखा था— “आज तेरे नाम पर जहर खाऊंगी। मेरी लाश भी भारत मत लाना।” इन पोस्टों ने भी राजनीति और मीडिया में हलचल मचाई थी। लेकिन इस बार विवाद इसलिए बड़ा है क्योंकि मामला उनके माता-पिता तक पहुँच गया है। रोहिणी के ताज़ा पोस्ट साफ़ दर्शाते हैं कि वह अब इस विवाद को सिर्फ़ अपना नहीं, बल्कि अपने परिवार की मर्यादा की लड़ाई मान चुकी हैं।
