केरल बस वीडियो विवाद: यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद युवक की आत्महत्या, शिमजिता मुस्तफा पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

कोझिकोड:केरल से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश में सोशल मीडिया ट्रायल, झूठे आरोपों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। बस यात्रा के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद 40 वर्षीय युवक दीपक यू ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर साझा करने वाली महिला शिमजिता मुस्तफा के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि बिना जांच-पड़ताल के सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप किसी की जिंदगी को किस हद तक तबाह कर सकते हैं।

बस में वीडियो, आरोप और सोशल मीडिया ट्रायल

16 जनवरी को दीपक यू कोझिकोड के गोविंदापुरम इलाके से केएसआरटीसी की एक बस में यात्रा कर रहे थे। उसी बस में शिमजिता मुस्तफा भी मौजूद थीं। बस में भीड़ होने के दौरान शिमजिता ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और दावा किया कि दीपक ने उन्हें गलत तरीके से छुआ। वीडियो में दिखता है कि दीपक बस में संतुलन बनाए रखने के लिए सीट के ऊपर पकड़ बनाए हुए खड़े हैं। शुरुआती हिस्से में वह महिला से कुछ दूरी पर नजर आते हैं। बाद के हिस्से में महिला खुद उनके करीब खड़ी दिखाई देती है और कैमरे को इस तरह एंगल करती है कि दीपक की कोहनी की हरकत पर फोकस हो जाए। इसी दौरान दीपक की कोहनी महिला के सीने से छू जाती है, जिसे शिमजिता ने जानबूझकर किया गया कृत्य बताया। वीडियो वायरल होने के बाद शिमजिता ने एक और वीडियो जारी कर आरोप दोहराए और कहा कि दीपक ने जानबूझकर उनकी “सेक्सुअल बाउंड्री” का उल्लंघन किया और उन्हें लगा कि इसके कोई नतीजे नहीं होंगे।

वायरल वीडियो के बाद टूटा दीपक

सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होते ही दीपक को भारी ट्रोलिंग और नफरत का सामना करना पड़ा। परिजनों के अनुसार, दीपक बेहद तनाव में थे और लगातार कह रहे थे कि उनसे अनजाने में ऐसा हुआ, उनकी कोई गलत मंशा नहीं थी। 18 जनवरी की सुबह जब माता-पिता ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला, तो पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोला गया। अंदर दीपक का शव फंदे से लटका मिला। यह खबर सामने आते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। दीपक की मां कन्याका ने कहा कि उनका बेटा कभी किसी गलत मामले में नहीं फंसा था और सोशल मीडिया पर लगे आरोपों का दबाव वह सह नहीं सका।

शिमजिता मुस्तफा पर केस, जांच जारी

दीपक की मां की शिकायत पर कोझिकोड मेडिकल कॉलेज पुलिस ने शिमजिता मुस्तफा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शिमजिता का बयान दर्ज कर लिया है और प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, केरल मानवाधिकार आयोग ने भी इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि शिमजिता फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रही हैं।

सोशल मीडिया पर डर और व्यंग्य

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर माहौल तेजी से बदल गया। पहले जहां दीपक को दोषी ठहराया जा रहा था, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग इसे सोशल मीडिया मॉब जस्टिस का उदाहरण बता रहे हैं। केरल में बसों से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुरुष खुद को झूठे आरोपों से बचाने के लिए अजीब तरीके अपनाते दिख रहे हैं। कहीं लोग कार्डबोर्ड बॉक्स पहनकर बस में सफर कर रहे हैं, तो कहीं सीट पर कार्डबोर्ड की दीवार लगाकर बैठने के वीडियो सामने आए हैं। कुछ AI से बनी तस्वीरें भी वायरल हुई हैं, जिनमें पुरुषों को बॉडी कैमरा लगाए दिखाया गया है। इन वीडियो और मीम्स को लोग डर, असुरक्षा और विरोध के प्रतीक के तौर पर देख रहे हैं।

सवाल जो पूरे समाज के सामने खड़े हैं

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर शिमजिता को पूरा यकीन था कि उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ है, तो उन्होंने सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बजाय वीडियो को सोशल मीडिया पर क्यों डाला। क्या सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से किसी को दोषी ठहराना सही है, जब तक जांच पूरी न हो? यह मामला इस बात का भी उदाहरण बन गया है कि फॉलोअर्स और व्यूज की होड़ में लिया गया एक फैसला किसी की जान तक ले सकता है।

कौन हैं शिमजिता मुस्तफा

शिमजिता मुस्तफा केरल के कोझिकोड जिले के वडाकरा की रहने वाली हैं। शादी के बाद वह वेल्लेरी चली गईं। उन्होंने कॉमर्स में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया, साथ ही बीएड की डिग्री भी हासिल की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिमजिता का संबंध इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) से रहा है। वर्ष 2020 में उन्होंने IUML के टिकट पर अरीकोड ग्राम पंचायत के वेल्लेरी वार्ड से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाद में पार्टी से मतभेदों के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा। कुछ समय दुबई में रहने के बाद शिमजिता ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन को करियर के रूप में अपनाया और पिछले छह महीनों से वह कोझिकोड में रह रही थीं। दीपक यू की मौत ने यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया एक ताकतवर हथियार है, जो न्याय भी दिला सकता है और बिना जांच के किसी की जिंदगी भी खत्म कर सकता है। यह घटना कानून, समाज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स – तीनों के लिए एक चेतावनी है कि आरोप और सच के बीच की रेखा बेहद नाजुक होती है।


न्यूज़ क्रेडिट:
OpIndia

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