OBC दर्जा का आधार सिर्फ पिछड़ापन, धर्म से कोई लेना-देना नहीं: ममता बनर्जी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को विधानसभा में साफ-साफ कहा कि ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का दर्जा केवल सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर दिया गया है, धर्म का इसमें कोई रोल नहीं है। उन्होंने आरोपों को खारिज किया कि उनकी सरकार धर्म के आधार पर आरक्षण देने की योजना बना रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि नई ओबीसी सूची एक वैज्ञानिक सर्वे और पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों के आधार पर बनाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि नई सूची में कई नई जातियों को जोड़ा गया है और सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से ही यह प्रक्रिया पूरी हो रही है।

वैज्ञानिक सर्वे से तैयार हुई ओबीसी-ए और ओबीसी-बी की नई सूची

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में बताया कि नई ओबीसी सूची पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा किए गए व्यापक फील्ड सर्वे और वैज्ञानिक मापदंडों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जिन समुदायों को सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा पाया गया, केवल उन्हें ही सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि ज्यादा पिछड़े समुदायों को ओबीसी-ए में और कम पिछड़े समुदायों को ओबीसी-बी में रखा गया है। यह पूरी प्रक्रिया एक निष्पक्ष सर्वे के माध्यम से की गई है।

76 नई जातियों को ओबीसी सूची में शामिल, 50 पर सर्वे जारी

ममता बनर्जी ने बताया कि राज्य सरकार ने सोमवार को 76 नई जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करने का फैसला किया है। इससे पहले ओबीसी सूची में 64 जातियाँ थीं, जो अब बढ़कर कुल 140 हो गई हैं। इनमें से 49 जातियाँ ओबीसी-ए में और 91 जातियाँ ओबीसी-बी में रखी गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी 50 और जातियों पर सर्वेक्षण जारी है, और सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय समयसीमा के अंदर इनका सर्वे भी पूरा कर लिया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 में कोलकाता हाईकोर्ट ने 2010 के बाद ओबीसी में जोड़ी गई कई जातियों का दर्जा रद्द कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने के भीतर नया सर्वे कर नई सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। ममता बनर्जी ने बताया कि सर्वे पूरा करने के बाद सार्वजनिक सूचना भी जारी की गई है, जैसा कि कोर्ट ने कहा था। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से ही यह पूरी प्रक्रिया चल रही है।

विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, बीजेपी का आरोप

जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओबीसी सूची से जुड़ी पूरी रिपोर्ट सदन में रख दी तो विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी इस मुद्दे पर सवाल पूछना चाहते थे, लेकिन उससे पहले ही विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। इससे नाराज बीजेपी विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। सदन के बाहर सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से कहा, “मुख्यमंत्री विपक्ष के सवालों का सामना नहीं करना चाहती थीं। ओबीसी सूची पेश होते ही सत्ताधारी पार्टी के सभी विधायक और मंत्री सदन से भाग गए क्योंकि उन्हें पता था कि हिन्दू समाज के साथ अन्याय हो रहा है। हम इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।”

+ posts

Leave a Reply

Previous Story

UP: चाकुओं से गोदा, अधमरा होने पर प्राइवेट पार्ट भी काट डाला; 5 आरोपी दलित समाज से, चचेरे भाई की आंखों के सामने हुई वारदात

Next Story

अंतरिक्ष में भारत: शुभांशु शुक्ला ले जाएंगे आमरस और हलवा, करेंगे चौकाने वाले प्रयोग

Latest from नेतागिरी

“अगर जातीय भेदभाव नहीं होता, तो मैं आज IPL में होता” – भीम आर्मी प्रमुख ने कहा – क्रिकेटर बनने का सपना अधूरा रह गया

नई दिल्ली: एक इंटरव्यू में भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने जीवन के…

UP: SC-ST आरक्षण में वर्गीकरण की मांग: कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन, कई जातियों को नहीं मिल रहा लाभ

फतेहगढ़: राष्ट्रीय इंडियन पार्टी सेक्युलर ने अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) आरक्षण में वर्गीकरण की मांग को लेकर…

इल्तिजा मुफ्ती का विवादित बयान: हिंदुत्व को बताया ‘बीमारी’, जय श्री राम के नारे पर आपत्तिजनक टिप्पणी

कश्मीर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने हिंदुत्व को लेकर विवादित…