नंदकिशोर गुर्जर का फूटा गुस्सा: कलश यात्रा रोकने पर योगी प्रशासन को घेरा, बोले- मेरा एनकाउंटर कराना चाहती थी पुलिस

गाजियाबाद: लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर फटा कुर्ता पहनकर लखनऊ पहुंचे और योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में “आसुरी शक्तियां” सक्रिय हो गई हैं, जो हिंदू धार्मिक आयोजनों को बाधित कर रही हैं। उनका दावा है कि उन्होंने 50,000 गायों के कटने की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्होंने रामकथा और कलश यात्रा पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।

“पुलिस ने मेरा कुर्ता फाड़ा, एनकाउंटर की साजिश थी”

विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आरोप लगाया कि 20 मार्च को लोनी में निकाली जा रही कलश यात्रा को प्रशासन ने जबरन रोक दिया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों को बुलाकर यात्रा का विरोध करने को कहा, लेकिन जब उन्होंने इनकार किया तो पुलिस ने उन्हें भड़काने की कोशिश की। इस दौरान महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई और कलश फोड़ दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार में कुछ अधिकारी हिंदू धार्मिक आयोजनों के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। गुर्जर ने दावा किया कि पुलिस ने जानबूझकर उनकी गिरेबान पकड़कर उनका कुर्ता फाड़ दिया और इस पूरे विवाद के पीछे उनकी हत्या की साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बहाने पुलिस उनका एनकाउंटर कराना चाहती थी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को उन पर संदेह है, तो वह अपना नार्को टेस्ट कराने को भी तैयार हैं।

योगी सरकार पर सवाल: “सपा-बसपा के दौर में भी ऐसा नहीं हुआ”

भाजपा विधायक ने योगी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा अत्याचार सपा और बसपा की सरकार में भी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार में राम कथा और कलश यात्रा नहीं हो सकती, तो क्या ये सब पाकिस्तान में होगा? उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों को पहले हिंदू आयोजनों में फूल बरसाने का काम दिया जाता था, अब वे लाठियां चला रहे हैं।

विधायक की मांगें और सरकार को चेतावनी

नंदकिशोर गुर्जर ने सरकार से मांग की कि हिंदू धार्मिक आयोजनों पर लगाई गई रोक को तुरंत हटाया जाए और कलश यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करते, तो वह अन्न-जल त्याग देंगे और जमीन पर सोते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को विधायकों के प्रति नकारात्मक धारणा बदलने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

भाजपा के भीतर बढ़ता असंतोष

नंदकिशोर गुर्जर के इन आरोपों से भाजपा सरकार के भीतर असंतोष की लहर दौड़ गई है। पार्टी के अंदर से भी आवाजें उठने लगी हैं कि सरकार को अपने ही विधायकों की शिकायतों पर ध्यान देना चाहिए। अब यह देखना होगा कि योगी सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और विधायक की मांगों पर क्या फैसला लेती है।

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