नोएडा :उत्तर प्रदेश में ABP News के प्राइम टाइम शो “भारत की बात” में एंकर प्रतिभा मिश्रा द्वारा ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ कथित भ्रामक और आपत्तिजनक बयान देने के बाद चैनल विवादों में घिर गया है। यह मामला सोशल मीडिया पर पहले ही #BoycottABPNews के ट्रेंड के चलते सुर्खियों में था, और अब कानूनी मोड़ भी सामने आया है। शुभम शर्मा ने इस विवादित बयान के खिलाफ ABP News को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें चैनल से बिना शर्त सार्वजनिक माफी, सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से संबंधित वीडियो हटाने और बयान को भ्रामक और पक्षपाती बताने की मांग की गई है। इस नोटिस ने मीडिया जगत और सोशल मीडिया दोनों जगह हलचल मचा दी है, और लोगों के बीच एंकर के इस कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं।
भ्रामक बयान और वास्तविक घटना
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 9 सितंबर 2025 को प्रसारित ABP News के शो “भारत की बात” में एंकर प्रतिभा मिश्रा ने नेपाल में हुए “Gen Z Protest” के असली कारणों को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया। असल में ये प्रदर्शन भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, आर्थिक गड़बड़ी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ थे। लेकिन एंकर ने इसे “ब्राह्मणवादी वर्चस्व के खिलाफ विद्रोह” बता दिया, जो न केवल भ्रामक और तथ्यहीन है बल्कि ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ एक पक्षपाती और अपमानजनक नजरिया पेश करता है।
ब्राह्मण समुदाय और शुभम शर्मा पर गंभीर असर
नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रतिभा मिश्रा के बयान ने ब्राह्मण समुदाय की प्रतिष्ठा को गंभीर रूप से ठेस पहुँचाई और उन्हें सार्वजनिक अपमान और आलोचना का सामना करना पड़ा। इस विवाद से शुभम शर्मा भी मानसिक पीड़ा और सामाजिक प्रतिष्ठा में नुकसान का शिकार हुए हैं। कानूनी रूप से यह बयान भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196 और 353 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है, क्योंकि इसमें जाति और समुदाय के आधार पर वैमनस्य और भय फैलाने की प्रवृत्ति निहित है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और फैलाव
प्रतिभा मिश्रा के कथित भ्रामक और आपत्तिजनक बयान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे YouTube, X (पूर्व ट्विटर), Facebook और अन्य पर तेजी से वायरल किया गया। इस बयान के खिलाफ कई सोशल मीडिया यूजर्स ने चैनल की कड़ी आलोचना की और विवादित ट्वीट्स और पोस्ट्स साझा किए। हालांकि, ABP News ने आलोचनात्मक पोस्ट्स को कॉपीराइट उल्लंघन के नाम पर हटा दिया, जिससे ऑनलाइन आलोचना दबाने और सेंसरशिप के आरोप सामने आए। इस कदम को कई लोगों ने सार्वजनिक विरोध और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला माना।
कानूनी मांगें और चेतावनी
नोटिस में शुभम शर्मा ने ABP News से कहा कि सात दिनों के भीतर चैनल को बिना शर्त सार्वजनिक माफी जारी करनी होगी। इसके अलावा, सभी विवादित वीडियो क्लिप्स को YouTube, X, Facebook और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाना चाहिए। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया कि चैनल के बयान भ्रामक, गलत और पक्षपाती थे। इसके साथ ही, नोटिस में चेतावनी दी गई कि भविष्य में किसी भी जातीय या धार्मिक समुदाय के खिलाफ इस तरह के आपत्तिजनक बयान देने से चैनल को रोका जाएगा।
नोटिस न मानने पर कार्रवाई
नोटिस में कहा गया है कि यदि ABP News ने इस नोटिस का पालन नहीं किया, तो शुभम शर्मा सभी नागरिक और फौजदारी कानूनी विकल्प अपनाने के लिए बाध्य होंगे। इसमें कोर्ट में केस दर्ज करना, संबंधित नियामक संस्थाओं से शिकायत करना और अन्य कानूनी कार्रवाई शामिल हैं। इस पूरे विवाद की पूरी जिम्मेदारी ABP News पर होगी और इसके सभी कानूनी और वित्तीय परिणामों का सामना उन्हें करना होगा।
अब जो भी मीडिया संस्थान ब्राह्मणों के लिए जहर उगलेगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा. ABP न्यूज के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के AOR @lawyerbajpai सर द्वारा हमारे अनुरोध करने पर मामले का संज्ञान लिया गया. उन्होंने कड़े लहजे में ABP न्यूज को सबक सिखाने की ठानी है. अब #BoycottABPNews का खेल कानूनी… pic.twitter.com/3mI5nhsddy
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) September 16, 2025
