बलिया: उत्तर प्रदेश के नगरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को 22 वर्षीय अंकुर सिंह ने आम के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह वीरचंद्रहा गांव का रहने वाला था। बुधवार को उसका 3 मिनट 24 सेकंड का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने गंभीर आरोप लगाए। अंकुर ने कहा कि अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के कुछ लोग उससे 2 लाख रुपए की मांग कर रहे थे ताकि उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज न कराया जाए।
“चरित्र हनन और झूठे आरोप का बोझ नहीं सह सकता”
वीडियो में अंकुर ने कहा— “मैं राजपूत का लड़का हूं। अगर मैं पैसे दे भी दूं तो चरित्र पर लगे दाग को कैसे मिटाऊं? मारपीट और गुंडागर्दी जैसे मामले सह लूंगा, लेकिन झूठे आरोप और चरित्र हनन का बोझ नहीं उठा सकता।” उसने यह भी कहा कि यह सिर्फ उसका मामला नहीं है, बल्कि समाज के किसी भी युवक को झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है, जिससे वे आत्महत्या करने को मजबूर हो सकते हैं।
10 दिन पहले ही लौटा था घर, इकलौता बेटा था
अंकुर सिंह वीरचंद्रहा गांव निवासी ललित सिंह का इकलौता बेटा था। वह अविवाहित था और गुजरात के जामनगर में गाड़ी चलाकर अपना जीवन यापन करता था। लगभग 10 दिन पहले ही वह घर लौटा था। मंगलवार को उसके पिता पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए बाहर गए थे। घर पर मां और बहन मौजूद थीं। इसी बीच अंकुर गांव के आम के बगीचे में पहुंचा और पेड़ की डाल पर रस्सी का फंदा डालकर जान दे दी। गांववालों ने जब अंकुर को पेड़ से लटकते देखा तो शोर मचाया और घरवालों व पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। ग्रामीणों ने बताया कि अंकुर ने दो साल पहले भी फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उसे बचा लिया गया था।
वीडियो में लिए गए नाम और लगाए गए आरोप
अपने वीडियो में अंकुर ने बताया कि कुछ दिन पहले उसका झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसे झूठे मुकदमे की धमकी दी जाने लगी। उसने कहा कि उमेश कन्नौजिया, जनार्दन कन्नौजिया और मुकेश कन्नौजिया उससे 2 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। इसके अलावा उनके परिवार की एक महिला, जिसकी शादी रसड़ा में हुई है और जिसका राजनीतिक प्रभाव है, वह भी उसे परेशान कर रही थी। अंकुर ने कहा कि उससे पिता की जमीन बेचकर पैसे देने के लिए कहा जा रहा था। नगरा थानाध्यक्ष अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यदि परिजन आरोपियों के खिलाफ तहरीर देंगे, तो मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और वीडियो की भी जांच की जा रही है।
