नीमराना: राजस्थान के किसान अब सिर्फ फसलें ही नहीं, बिजली भी उगा रहे हैं। मुंडावर गांव के किसान धर्मेंद्र मेहता ने अपनी 27 बीघा जमीन पर दो बड़े सोलर प्लांट लगाए हैं। आज वे रोजाना लगभग 30 हजार यूनिट बिजली उत्पादन कर रहे हैं और इसे सरकार को बेचकर हर महीने 8 लाख रुपए की आमदनी हासिल कर रहे हैं। धर्मेंद्र की कहानी प्रेरणा देने वाली है। उन्होंने अपने इस सफर की शुरुआत में बहन का फ्लैट गिरवी रखकर बैंक से लोन लिया था। उनकी मेहनत और दूरदर्शिता की सराहना हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी।
कुसुम योजना से शुरू हुआ सपना
धर्मेंद्र बताते हैं कि 2019 के केंद्रीय बजट में किसानों को जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर आमदनी बढ़ाने की योजना (कुसुम योजना) के बारे में बताया गया था। इसी दौरान उन्हें सोलर पार्क लगाने का आइडिया आया। 18 जून 2021 को उनका पहला प्लांट तैयार हुआ। यह 2 मेगावाट क्षमता वाला पहला प्लांट था। प्लांट की लागत 7 करोड़ रुपए थी। घर में इतने पैसे नहीं थे और बैंक लोन भी आसानी से नहीं मिल रहा था। अंततः उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी के साथ दिल्ली में बहन का फ्लैट गिरवी रखकर 5 करोड़ रुपए का लोन लिया। बाकी 2 करोड़ रुपए उन्होंने खेती, डेयरी और रिश्तेदारों से उधार लेकर जुटाए। पहले प्लांट से अब रोजाना 12 हजार यूनिट बिजली बन रही है। इसे बड़े ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से ग्रिड में भेजा जाता है।

दूसरे प्लांट से बढ़ी कमाई
पहले प्लांट की सफलता के बाद धर्मेंद्र ने 26 सितंबर 2024 को दूसरा प्लांट लगाया। इस बार यह 2.74 मेगावाट का था और लागत 10 करोड़ रुपए आई। बैंक से इस बार 7 करोड़ रुपए का लोन मिला, जबकि बाकी 3 करोड़ पुराने प्लांट की आमदनी से जुटाए गए। सरकार ने ब्याज पर 1.93 करोड़ रुपए की छूट भी दी। दूसरे प्लांट से रोजाना 18 हजार यूनिट बिजली बनती है। इसे बिजली बोर्ड को 3.11 रुपए प्रति यूनिट बेचकर आय होती है। दोनों प्लांट मिलाकर अब उनकी मासिक आमदनी लगभग 8 लाख रुपए है। सौर ऊर्जा प्लेटों की सफाई के लिए दो आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। हफ्ते में एक बार प्लेटों की सफाई की जाती है। अगर मशीन ठीक से काम न करे तो मजदूरों की मदद ली जाती है। हर दो महीने में पानी से भी सफाई होती है। आकाशीय बिजली से सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में पाँच बड़े उपकरण लगाए गए हैं। ये उपकरण बिजली गिरने की स्थिति में उसे अपने अंदर खींच लेते हैं, जिससे प्लांट को कोई नुकसान नहीं होता। हाल ही में एक बार बिजली गिरने के दौरान ये उपकरण काम आए और प्लांट सुरक्षित रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने की प्रशंसा
25 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांसवाड़ा दौरे के दौरान धर्मेंद्र से बातचीत की और उनकी जागरूकता की सराहना की। प्रधानमंत्री ने उनकी पहल को प्रेरणादायक बताया। धर्मेंद्र तीन भाइयों के साथ रहते हैं। पहले खेती से पूरे परिवार की आमदनी सीमित थी, लेकिन सोलर पार्क लगाने के बाद उनकी आय 8 लाख रुपए प्रति माह तक पहुँच गई है। अब वे 5 और नए सोलर प्लांट लगाने की योजना बना रहे हैं। धर्मेंद्र मेहता की कहानी साबित करती है कि यदि किसान सही योजना और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए उजाला पैदा कर सकते हैं।
