भोपाल :मध्यप्रदेश सरकार ने IAS अधिकारी संतोष वर्मा को कृषि विभाग में उप सचिव के पद से हटा दिया है। अब सरकार उनकी IAS नौकरी खत्म करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है। सरकार यह कदम दो वजहों से उठा रही है— पहली वजह, संतोष वर्मा पर फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके प्रमोशन और नौकरी पाने का आरोप है और दूसरी वजह, उन्होंने ब्राह्मण समुदाय की बेटियों के बारे में विवादित बयान दिया था, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
प्रमोशन में गड़बड़ी, इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट भी शक के दायरे में
विभागीय जांच में पता चला है कि संतोष वर्मा ने राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS कैडर में प्रमोशन लेने के लिए फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया था। जांच में यह भी पाया गया कि उनके कई सेवा दस्तावेज़ों में गंभीर गड़बड़ियां हैं और जो इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट उन्होंने जमा किया था, वह भी गलत जानकारी के आधार पर बनाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, कैडर बदलने के लिए वर्मा ने जो दस्तावेज़ दिए थे, उनमें भी हेरफेर किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विभागीय जांच अब अंतिम चरण में है और रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपी जाएगी। जांच में कई दस्तावेज़ फर्जी साबित हुए हैं।
विवादित बयान के बाद बढ़ा दबाव, CM ने दिया सख्त निर्देश
कुछ सप्ताह पहले संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समुदाय की बेटियों को लेकर एक ऐसा बयान दिया था, जिसने काफी विवाद खड़ा कर दिया। यह बयान सोशल मीडिया पर आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने GAD को निर्देश दिया, जिसके बाद वर्मा को कृषि विभाग में उप सचिव पद से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री इस पूरे मामले की प्रगति पर खुद नजर रख रहे हैं। सरकार का कहना है कि इस तरह का बयान प्रशासनिक आचरण के खिलाफ है और इससे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है।
केंद्र को भेजा जाएगा विस्तृत बर्खास्तगी प्रस्ताव
राज्य सरकार केंद्र को भेजे जाने वाले प्रस्ताव के लिए पूरा दस्तावेज़ तैयार कर रही है। इसमें विभागीय जांच रिपोर्टें, फर्जी दस्तावेज़ों के सबूत, जांच अधिकारियों के बयान, विवादित बयान से जुड़ी जानकारी, मुख्यमंत्री के निर्देश और विभाग द्वारा की गई शुरुआती अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे सभी विवरण शामिल किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि संतोष वर्मा पर लगे आरोप प्रशासनिक सेवा की ईमानदारी और विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाते हैं। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही उनकी IAS सेवा हमेशा के लिए समाप्त कर दी जाएगी।
