नई दिल्ली: मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व IAS अधिकारी नियाज खान एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने ब्राह्मण समाज के समर्थन में खुलकर आरक्षण की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए नियाज खान ने कहा कि सनातन धर्म के हजारों वर्षों से संरक्षक रहे ब्राह्मणों को उनकी आबादी के अनुसार आरक्षण मिलना चाहिए। उनका मानना है कि ब्राह्मण समाज के मजबूत होने से देश, धर्म और आध्यात्मिक चेतना भी मजबूत होगी।
सनातन धर्म के संरक्षक हैं ब्राह्मण: नियाज खान
नियाज खान ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ब्राह्मण समाज ने सदियों से सनातन धर्म की रक्षा और संरक्षण किया है। इसलिए उनका सर्वांगीण विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा या नौकरी ही नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और नीतियों में भी ब्राह्मणों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलना चाहिए। उनके अनुसार यदि इस वर्ग को उचित अवसर और समर्थन मिलेगा तो समाज में संतुलन और मजबूती आएगी।
ब्राह्मण मजबूत होगा तो देश और धर्म मजबूत होगा
पूर्व IAS अधिकारी ने अपने तर्क में यह भी कहा कि ब्राह्मणों के सशक्त होने से देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नींव मजबूत होगी। उन्होंने लिखा कि आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर बिना पूर्वाग्रह के गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि धर्म और आध्यात्म की मजबूती का सीधा संबंध समाज के उन वर्गों से है, जिन्होंने परंपरागत रूप से ज्ञान और संस्कार को आगे बढ़ाया है।
पहले भी विवादित बयानों में रहे हैं नियाज खान
यह पहली बार नहीं है जब नियाज खान अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी वह ब्राह्मण समाज पर लिखी अपनी किताब “ब्राह्मण द ग्रेट” को लेकर चर्चा में रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने मुस्लिम समुदाय को शाकाहार अपनाने की सलाह देकर भी विवाद खड़ा किया था। उनके बयान अक्सर सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन जाते हैं और इस बार भी ब्राह्मण आरक्षण की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
